प्रतिबंधित केमिकल का इस्तेमाल कर पकाये जा रहे फल

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बाढ़ : बाढ़ बाजार में फल कारोबारी अधिक मुनाफा कमाने की होड़ में लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं. केला, पपीता आदि फलों को पकाने के लिए प्रतिबंधित केमिकल का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है. लोग जिस चमकदार फल को मीठा व ताजा समझकर खरीदते हैं, वह कैंसर जैसी घातक बीमारियों को दावत दे रहा है.

एक फल विक्रेता की माने तो फल को चमकीला व आकर्षक बनाने के लिए केमिकल का उपयोग होता है. प्रभात खबर की टीम ने स्टेशन बाजार स्थित फल मंडी का जब जायजा लिया तो एक दुकान के पास एक किशोर को एक प्लास्टिक के टब में केले के पूरे भाग को केमिकल से धोते देखा गया.
जब उस बच्चे से जानकारी मांगी तो उस बच्चे ने केमिकल वाले डिब्बे को दिखाया. बच्चे ने बताया कि इस केमिकल से वह अपने फल को धो देगा तो फल कल पूरी तरह से पक कर तैयार हो जायेगा और इसमें चमक आ जायेगी . प्रभात खबर की टीम ने दुकान से उस केमिकल के पैक करे ले लिया और डॉक्टर विद्यानंद से जाकर इस केमिकल के बारे में जानकारी प्राप्त की, जो हैरान करने वाली थी .
क्रिपोन दवा शरीर को पहुंचाती है नुकसान
डॉक्टर का मानना है कि आॅर्सेनिक फास्फोरस और कासमोजेनिक जैसे खतरनाक जहर इसमें हैं, जिससे लिवर कैंसर, फेफड़ों में पानी, स्किन डिजीज, मिर्गी और मेमोरी लॉस जैसी बीमारियां हो सकती हैं. बाजार में इन दिनों क्रिपोन नामक दवा एक दिन में फलों को पीला और चमकदार बनाने में इस्तेमाल हो रहा है. डॉक्टर विद्यानंद का कहना है कि कैलशियम कार्बाइड भी बैन है फिर भी लोग इसका इस्तेमाल फलों को पकाने में कर रहे हैं.
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