अवैध बालू खनन : मैनुअली चालान काट कर सरकार को लगा रहे करोड़ों रुपयों का चूना

Updated at : 04 Aug 2017 8:36 AM (IST)
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अवैध बालू खनन : मैनुअली चालान काट कर सरकार को लगा रहे करोड़ों रुपयों का चूना

एक जून, 2017 से सभी बालू घाटों पर लागू है इ-चालान सुमित कुमार पटना : बालू खनन में चालान (निर्गत रसीद) का बड़ा खेल चल रहा है. राज्य सरकार ने अवैध खनन पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने को लेकर एक जून 2017 से ही सूबे के तमाम बालू घाटों पर इ-चालान सिस्टम लागू किया […]

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एक जून, 2017 से सभी बालू घाटों पर लागू है इ-चालान
सुमित कुमार
पटना : बालू खनन में चालान (निर्गत रसीद) का बड़ा खेल चल रहा है. राज्य सरकार ने अवैध खनन पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने को लेकर एक जून 2017 से ही सूबे के तमाम बालू घाटों पर इ-चालान सिस्टम लागू किया है.
लेकिन, बालू माफियाओं के दबाव में इस सिस्टम की सही ढंग से निगरानी नहीं हो पा रही. घाटों पर अब भी मैनुअल रसीद के सहारे ही बालू ढुलाई की जा रही है, जिससे सरकार को हर महीने इस प्राकृतिक संपदा के साथ ही करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है. पटना जिले के बिहटा व मनेर के घाट-दियारे में करीब एक हफ्ते पहले हुई छापेमारी में इसका खुलासा हुआ था. उसके बाद भी मैनुअल चालान निर्गत होने से जिला खनन कार्यालय पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
इ-चालान पूरी तरह लागू हो तो बंद हो जायेगा अवैध खनन : दरअसल इ-चालान के तहत घाटों पर से बालू लेकर निकलने वाले हर ट्रक-ट्रैक्टर की पूरी जानकारी मौके पर एनआइसी के सॉफ्टवेयर पर लोड की जानी है.
बंदोबस्तधारी अपने यूजर आइडी-लॉगिन पासवर्ड के सहारे वाहन नंबर, उसका प्रकार, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, घाट का नाम, निर्गत तिथि व समय व पहुंचने वाले स्थान का ब्योरा वेबसाइट पर डालेंगे. स्वीकृत होते ही इ-चालान निर्गत हो जायेगा और ड्राइवर के मोबाइल नंबर पर इसकी सूचना मिल जायेगी. यह चालान नंबर दिखाने पर उनको हर चेक प्वाइंट पर छूट मिलेगी. लेकिन, इ-चालान की व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं होने से घाटों पर से उठाव होनेवाले बालू का हिसाब नहीं रह पाता. फायदा उठाते हुए बंदोबस्तीधारी मैनुअल चालान काटते हैं.
हर दिन हजार ट्रक बालू उठाव, पर इ-चालान कम
बालू व्यवसाय से जुड़े लोगों की मानें तो बिहटा, मनेर व बिक्रम इलाके में आने वाले दर्जनों वैध-अवैध बालू घाटों से पोकलेन व जेसीबी मशीनों के सहारे हर दिन कम से कम एक हजार ट्रक-ट्रैक्टर बालू का उठाव होता है. लेकिन मैनुअल रसीद होने की वजह से सही आंकड़ा विभाग तक नहीं पहुंच पाता. जिला खनन सूत्रों की मानें तो हर दिन सैकड़े की संख्या में भी इ-चालान नहीं काटे जाते.
माफिया के चंगुल में बालू व्यवसाय : बिहटा-मनेर का बालू व्यवसाय पूरी तरह माफिया के चुंगल में फंस गया है. इस व्यवसाय को अपराधी, राजनेता व पुलिस के साथ ही स्थानीय कुछ पत्रकारों का भी समर्थन मिलता है.
इस कारण पुलिस-प्रशासन इसमें हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाता. हफ्ते भर पहले हुई छापेमारी में स्थानीय विधायक के भतीजे समेत नौ लोगों का नाम आने के बावजूद पुलिस किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है. इसके साथ ही एक पूर्व विधायक के समधी और पूर्व पत्रकार को जेल भेजा गया है. फिलहाल पुलिस कुछ मजदूरों को ही गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपा रही है.
बिना चालान के पकड़े महज छह वाहन : अवैध खनन की जांच को लेकर विभागीय पदाधिकारी हमेशा से लापरवाह रहे हैं. विभाग के ही आंकड़ों की मानें तो अप्रैल 2016 से लेकर फरवरी 2017 तक पूरे जिले में महज 76 जांच की गयी. इसमें भी 50 ओवरलोडिंग के जबकि छह मामले बिना चालान या अनफिट वाहन के थे. इस अवधि में 17 छापेमारियां की गयीं, जिनमें 9 पर प्राथमिकी करते हुए 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनसे करीब सात लाख रुपये वसूले गये.
पटना सिटी : गंगा से अवैध ढंग से बालू निकाल कर नाव से लाने के चल रहे खेल में आलमगंज थाना पुलिस ने भी एक नाव को जब्त किया है, जबकि नाव पर सवार चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
थानाध्यक्ष ओम प्रकाश ने बताया कि गायघाट के समीप बालू को उतार कर नाव को खड़ा किये हुए था, इसी दरम्यान गश्ती पर निकले थानाध्यक्ष ने बालू के निशान देख नाव को जब्त कर लिया और नाव में सवार चार लोगों को गिरफ्तार किया. थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में बिहटा के लाले महतो व मुन्नी महतो, शाहपुर थाना के अनिल यादव व खाजेकलां के अजीत मेहता शामिल हैं.
दूसरी ओर, बुधवार को खाजेकलां थाना क्षेत्र के आदर्श घाट पर गंगा किनारे संग्रह किये गये लगभग 200 से अधिक ट्रैक्टर बालू ,जब्त 11 नाव व सात ट्रैक्टर मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. मामले में चिह्नित किये गये छह नामजद 24 अज्ञात लोगों को नामजद बनाया गया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. बताते चलें कि बुधवार को डीआइजी के निर्देश पर मौके पर जिला खनन पदाधिकारी मनोज कुमार अंबष्ठ मौके पर पहुंचे और जब्ती सूची बना कर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई आरंभ करायी थी. केद्रीय प्रक्षेत्र के डीआइजी राजेश कुमार की संग्रह किये गये लाल बालू पर पड़ गयी. इसके बाद कार्रवाई की गयी.
ड्राइपोर्ट पर रखे बालू को रात में पुलिस ने किया सील
बिहटा. अवैध बालू खनन के खिलाफ जिले में कार्रवाई कर पुलिस टीम ने देर रात बिहटा ड्राइपोर्ट पर भेजे जाने के लिए रखे बालू स्टॉक को सील कर दिया. इसके बाद सूचना देकर खनन विभाग की टीम को बुलाया गया. पुलिस की सूचना पर आये जिला खनन पदाधिकारी मनोज अंबष्ठ ने बिहटा ड्राईपोर्ट जाकर बालू स्टॉक की जांच की. जहां जांच के बाद मनोज अंबष्ठ ने बताया की ये बालू वैध है. थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अब्दुल गफ्फार ने बताया की सूचना पर जांच की गयी थी.
पटना. सूबे में अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रभात खबर ने लगातार कई दिनों तक स्टोरी सीरीज छापी
थी. पटना, छपरा, आरा समेत अन्य सभी स्थानों पर मौजूद बालू घाटों की ग्राउंड रिपोर्ट को कई कड़ी में लगातार छापी गयी थी. इस खबर का ही असर है कि राज्य सरकार और प्रशासन के स्तर पर बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई है.
इस व्यापक स्तर पर शुरू हुई कार्रवाई से कई स्थानों पर अवैध खनन काफी नियंत्रित हो गया है. कुछ-कुछ घाटों पर पहले की तरह धड़ल्ले से अवैध बालू की निकासी नहीं होती है. खबर छपने के बाद प्रशासन की सक्रियता के कारण बालू माफियाओं पर नकेल कसने की शुरुआत हुई है. इसी कड़ी में रविवार को बिहटा में हुई कार्रवाई एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है. हालांकि, सरगनाओं की गिरफ्तारी होनी अब भी बाकी है.
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