छह दिसंबर को लेकर वाक-युद्ध

Updated at : 09 Dec 2015 12:41 AM (IST)
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छह दिसंबर को लेकर वाक-युद्ध

वर्ष 1992 के छह दिसंबर को मुसलमान काला दिवस और हिंदू शौर्य दिवस कहते हैं. लेकिन, प्रत्येक छह दिसंबर को वे इसे वाक-युद्ध दिवस के रूप में मनाते हैं़. इस साल उत्तर प्रदेश के काबीना मंत्री आजम खान का यह वक्तव्य देना कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आतंकी संस्था है, उस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. […]

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वर्ष 1992 के छह दिसंबर को मुसलमान काला दिवस और हिंदू शौर्य दिवस कहते हैं. लेकिन, प्रत्येक छह दिसंबर को वे इसे वाक-युद्ध दिवस के रूप में मनाते हैं़. इस साल उत्तर प्रदेश के काबीना मंत्री आजम खान का यह वक्तव्य देना कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आतंकी संस्था है, उस पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. ऐसे बयान असहिष्णुता, असुरक्षा, भय और आतंक को ही जन्म देते हैं.
अत: उन्हें और ऐसे बयान देनेवाले अन्य नेताओं को ऐसी बयानबाजी से बचना चाहिए. अच्छा तो यही होता कि इस दिन दोनों धर्म के नेतागण ‘बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुधि ले’ को अपनाते हुए एक साथ मिल बैठ कर आपसी समझौता कर झगड़े की जगह पर मंदिर और मसजिद बनवा लें.
– अवनींद्र नाथ झा, न्यू बाराद्वारी, जमशेदपुर
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