नेता तो नेता, जनता भी कम नहीं

Updated at : 03 Nov 2015 3:35 AM (IST)
विज्ञापन
नेता तो नेता, जनता भी कम नहीं

नेता ​और साहित्यकार ​आदि ​आखिर इंसान ही तो हैं. वे कोई ​खुदा तो नहीं, जो कोई गलतियां न करें. आज ये लोग वोट​, शोहरत ​और शक्ति ​के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. सभी अपने मतलब के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं. राजनीतिक दलों के कर्ताधर्ता तो नेताओं को गलत बयानी पर डांट पिला​​ते […]

विज्ञापन
नेता ​और साहित्यकार ​आदि ​आखिर इंसान ही तो हैं. वे कोई ​खुदा तो नहीं, जो कोई गलतियां न करें. आज ये लोग वोट​, शोहरत ​और शक्ति ​के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. सभी अपने मतलब के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं.
राजनीतिक दलों के कर्ताधर्ता तो नेताओं को गलत बयानी पर डांट पिला​​ते हैं, मगर खुद पर नियंत्रण नहीं रखते. जात-पात, धर्म और आरक्षण आदि का खूब जहर घोला जा रहा है. आज शासक और शासित की जंग सबके सामने है.
देखना यह है कि कौन ​किसे धूल चटाता है. प्राय: लोग कहते हैं कि खरबूजे और चाकू की जंग ​में तो बेचारे खरबूजे को ही कटना पड़ता है. जनजागृति के कारण बिहार में भी जनता को एक ​और नयी जंग देखने को मिल ​सकती है. सवाल यह है कि जब देश के नेता यहां के लोगों को आपस में लड़ा सकते हैं, तो फिर यहां की जनता नेताओं को आपस में क्यों नहीं भिड़ा सकती.
-वेद मामूरपुर , नरेला
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola