सिक्कों की बढ़ती अमान्यता

Updated at : 10 Nov 2017 5:51 AM (IST)
विज्ञापन
सिक्कों की बढ़ती अमान्यता

बाजारों एवं दुकानों में एक रुपये और दो रुपये के सिक्के नहीं लिये जा रहे हैं. अजीब दुविधा फैलायी जा रही है. दुकानदारों का कहना है कि ये सिक्के चल नहीं रहे. लोग परेशान हैं. सबसे ज्यादा समस्या फुटकर विक्रेताओं को हो रही है. आइसक्रीम, गोलगप्पा बेचनेवाले लोगों का तो सारा व्यापार ही सिक्कों पर […]

विज्ञापन

बाजारों एवं दुकानों में एक रुपये और दो रुपये के सिक्के नहीं लिये जा रहे हैं. अजीब दुविधा फैलायी जा रही है. दुकानदारों का कहना है कि ये सिक्के चल नहीं रहे. लोग परेशान हैं. सबसे ज्यादा समस्या फुटकर विक्रेताओं को हो रही है. आइसक्रीम, गोलगप्पा बेचनेवाले लोगों का तो सारा व्यापार ही सिक्कों पर टिका है. कुछ विक्रेता बताते हैं कि उनके पास हजारों के ऐसे सिक्के जमा हैं. बैंक के लोगों का कहना है कि पुलिस स्टेशन में जाकर रिपोर्ट करिए.

कुछ लोग मोबाइल से पैसे लेने की बात कह रहे हैं, लेकिन उन्हें यह कौन समझाये कि छोटा व्यापार चलानेवालों के पास इतना पैसा बचता ही नहीं है कि वे स्मार्ट फोन ले सकें. प्रशासन से अनुरोध है कि वह इस दिशा में कुछ पहल करें और भ्रम की स्थिति को समाप्त करवाये.

तन्मय बनर्जी, जमशेदपुर, इमेल से

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola