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siliguri

  • May 21 2019 1:13AM
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कोर्ट लॉकअप में किया हंगामा

नहीं मिल रही जमानत बार-बार न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से टूटा सब्र

कैदियों ने आमरण अनशन की दी चेतावनी 
 
सिलीगुड़ी : वकीलों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से राज्य की न्याय व्यवस्था एक प्रकार से अधर में लटक गयी है. गिरफ्तार आरोपियों के मामले में अदालत में कोई सुनवाई नहीं हो रही है. बल्कि मामूली मामलों में गिरफ्तार विचाराधीन कैदी परेशान हैं और उनकी जमानत नहीं हो रही है.
 
घटना के खिलाफ सोमवार को सिलीगुड़ी अदालत के लॉकअप में विचाराधीन कैदियों ने आंदोलन शुरू कर दिया. विचाराधीन कैदियों ने आमरण अनशन की चेतावनी दी है. सोमवार को सिलीगुड़ी अदालत के लॉकअप में 51 विचाराधीन कैदियों के हंगामे से अदालत परिसर में खलबली मच गयी. पुलिस व न्यायधीश के आश्वासन से सभी को जेल ले जाना संभव हुआ.
 
गत 24 अप्रैल को बंगाल के हावड़ा जिला कोर्ट में वकीलों पर हमला हुआ था. इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल बार काउंसिल ने न्याय की आवाज बुलंद कर अनिश्चितकालीन पेन डाउन आंदोलन शुरू किया है. वकीलों का आंदोलन लगातार जारी है.
 
वकीलों के आंदोलन की वजह से अदालती कामकाज ठप पड़ गया है. मामूली मामलों में गिरफ्तार होने वाले आरोपियों को भी जमानत नहीं मिल रही है. बार-बार न्यायिक हिरासत मिलने से सिलीगुड़ी महकमा अदालत के लॉकअप में बंद विचाराधीन कैदियों का पारा चढ़ गया. न्याय के प्रांगण में अन्याय होने के खिलाफ विचाराधीन कैदियों ने हंगामा शुरू कर दिया. 
 
 इधर, विचाराधीन कैदियों के परिवारवालों ने वकीलों पर रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है. परिवार वालों का कहना है कि जमानत कराने के नाम पर वकील तय तारीख पर रुपया लेते जा रहे हैं, लेकिन जमानत नहीं हो रही है. एक विचाराधीन कैदी की पत्नी साहिन बेगम ने बताया कि जमानत के नाम पर उनके वकील ने कई बार रुपये लिये हैं, लेकिन जमानत नहीं हो रही है. मामूली से केस में गिरफ्तारी होने पर भी कई दिनों से जेल में बंद हैं. यह हमारे साथ अन्याय हो रहा है. 
 
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