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ranchi

  • May 27 2019 12:26AM
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विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उखाड़ फेंकेंगे - हेमंत सोरेन

विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को उखाड़ फेंकेंगे - हेमंत सोरेन

लोकसभा चुनाव में झारखंड में झामुमो महागठबंधन का बड़ा दल था. हालांकि गठबंधन में कांग्रेस से कम सीटें ली थी, लेकिन चुनावी समीकरण का एक मजबूत आधार था़  झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने गठबंधन का नेतृत्व किया़  वे घटक दलों के उम्मीदवारों के क्षेत्र में गये. हालांकि  झामुमो को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा.  झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन दुमका से चुनाव हार गये. 

संताल परगना में झामुमो को एक ही सीट से संतोष करना पड़ा़  महागठबंधन के शिकस्त के बीच झामुमो नेता हेमंत सोरेन विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं. उनका कहना है कि महागठबंधन पूरी ताकत के साथ विधानसभा चुनाव में उतरेगा. हेमंत सोरेन से राजनीतिक हालात पर प्रभात खबर के ब्यूरो प्रमुख आनंद मोहन ने बातचीत की़.

चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर थी. क्या महागठबंधन  इस लहर को या यूं कहें कि अंडर करंट को समझ नहीं पाया? 
हार-जीत तो लगा रहता है़  कोई एक ही जीतता है़  भाजपा ने अच्छा होमवर्क किया होगा़  उनके पास आज सबकुछ है़  धनबल है़  सत्ता के कारण जनबल भी है़  हम भी मैदान में थे. हमें कहीं चुनावी अभियान में यह नहीं लगा कि इस तरह का परिणाम आयेगा. 
 
भाजपा रणनीति के साथ उतरी, महागठबंधन से कहां चूक हुई़? 
 हम भी तैयारी के साथ चुनाव में उतरे थे़  महागठबंधन का अपना चुनावी समीकरण था़  एक बड़ा वर्ग हमारे साथ था़  लोगों में सरकार की नीतियों के खिलाफ आक्रोश भी दिख रहा था़  इस चुनाव में बहुत कुछ अप्रत्याशित नहीं हुआ है़  हमारा भी वोट प्रतिशत बढ़ा है़  राजमहल में बड़े अंतर से जीते है़ं  दूसरी जगहों पर हमने बड़ी चुनौती भाजपा के सामने खड़ा की़  आज जब परिणाम सामने आ गया है, तो कहा जा सकता है कि उनकी अपनी रणनीति कुछ और रही होगी़ 
 
महागठबंधन के पास मजबूत समीकरण था, तो क्या दूसरे घटक दल वोट ट्रांसफर नहीं करा सके?
 ऐसा नहीं है़  देखिए हम गठबंधन में थे, तो उनका भी गठबंधन था़  महागठबंधन के सभी दल पूरी ताकत के साथ चुनाव में थे़   ऐसा नहीं है कि दूसरे दलों का सहयोग नहीं मिला़  कैडर मिल कर काम कर रहे थे़  भाजपा ने इस चुनाव में विलो द बेल्ट काम किया़  चुनाव में कोई मर्यादा नहीं रही़  महागठबंधन कई सीटों पर मार्जिनल वोट से हारा. खूंटी व लोहरदगा में बहुत ही कम वोट के अंतर से हारे़  दुमका में भी कम ही अंतर से भाजपा निकल पायी.  पांच-छह जगहों पर हमने भाजपा को कड़ी चुनौती दी़ 
 
 शिबू सोरेन का हारना, भाजपा के लिए बड़ी जीत मानी जा रही है़  झामुमो को संताल परगना में बड़ी चुनौती मिली है?
 ऐसा नहीं है़  हार जीत लगा रहता है़  हमारा वोट प्रतिशत बढ़ा है़  उनके हारने की कई वजह रही़ 
 
भाजपा कह रही है कि संताल परगना में विकास के सहारे झामुमो का गढ़ ध्वस्त किया है़  आप क्या वजह मानते है?
 गुरुजी को हराने के लिए भाजपा को क्या मशक्कत करनी पड़ी, वही लोग जानते हैं. पैसा-पावर सबका खेल किया.  ये लोग अभी धनबल से संपन्न लोग है़ं  शासन-प्रशासन सबकुछ इनके पास है़  इनके पास अनेकों तरीके थे़  एक व्यक्ति को पछाड़ने के लिए देश की पूरी ताकत लगी थी़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा कराने से लेकर किसको-किसको नहीं उतारा गया़   
 
महागठबंधन की आगे क्या संभावना देखते हैं, विधानसभा चुनाव में भी साथ चलेंगे? 
गठबंधन के अंदर दलों की समीक्षा होगी़  महागठबंधन आगे भी साथ चलेगा़  सभी दल अपनी समीक्षा करेंगे़  
 
 विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का कोई स्वरूप बदलेगा?
 महागठबंधन के साथ है़ं  आनेवाले दिनों में सबकुछ तय होगा़  महागठबंधन की समीक्षा होगी, उसके बाद ही कुछ बताया जायेगा़  
 
विधानसभा चुनाव में क्या उम्मीद है़  50 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को लीड मिला है? 
लोकसभा चुनाव के इश्यू दूसरे थे़  इस चुनाव में लीड के कोई मायने नहीं है़ं  रघुवर दास ने पांच वर्षों में क्या किया, जनता विधानसभा चुनाव में जवाब देगी़  विधानसभा चुनाव  स्थानीय मुद्दाें पर लड़ा जाता है. छत्तीसगढ़ में क्या हुआ़  छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में भाजपा हार गयी़  लोकसभा चुनाव में अलग प्रदर्शन हुआ़  आनेवाले विधानसभा चुनाव में तख्ता बदलेगा़  इसमें कोई इफ-बट नहीं है़  समय आयेगा, तो देखा जायेगा़ राज्य में कई विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए हैं, उसमें जनता ने अपना मूड बता दिया था़  महागठबंधन एकदम मजबूत है़  इस सरकार को आनेवाले चुनाव में उखाड़ फेंका जायेगा.
  • गुरुजी को हराने के लिए पैसा व पावर का खेल किया गया   
  • महागठबंधन मजबूत है, विधानसभा चुनाव में ताकत दिखेगी  
 
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