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dhanbad

  • Jun 12 2019 8:36AM
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चिरकुंडा : सीबीआइ ने नन-बैंकिंग कार्यालय के दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त किये

चिरकुंडा : सीबीआइ ने नन-बैंकिंग कार्यालय के दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त किये

वायर्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर 2013 में हुई थी प्राथमिकी

जिला प्रशासन ने चिरकुंडा स्थित कार्यालय को किया था सील

चिरकुंडा : धनबाद सीबीआइ की चार सदस्यीय टीम ने मंगलवार को चिरकुंडा थाना क्षेत्र के सरसापहाड़ी स्थित नन-बैंकिंग कंपनी वायर्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर के बंद कार्यालय का सील खोला और कागजात जब्त किया. पूरी प्रक्रिया में टीम को पांच-छह घंटे लग गये. टीम ने निवेश, कार्यरत कर्मी से संबंधित कागजात भारी मात्रा में जब्त किया है. कार्यालय में मौजूद तीन कंप्यूटर का हार्ड डिस्क भी साथ ले गयी है. बताया जाता है कि वायर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर ने चिरकुंडा-निरसा क्षेत्र से लगभग 10-15 करोड़ रुपये की वसूली कर आमलोगों को चूना लगाया था. 

जानकारी के अनुसार जनवरी 2013 में चिरकुंडा पुलिस ने नन-बैंकिंग कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी और तत्कालीन डीसी के निर्देश पर 14 फरवरी 2013 को प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी जयप्रकाश दीक्षित ने कंपनी कार्यालय को सील कर दिया था. चिरकुंडा पुलिस द्वारा वायर्ड के साथ-साथ शारदा, इनर्मस व विश्वामित्र के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गयी थी और कार्यालय भी सील किया गया था.

चिरकुंडा में चार कंपनी के खिलाफ है प्राथमिकी : हाइकोर्ट के निर्देश पर नन-बैंकिंग मामलों की जांच सीबीआइ को दिये जाने के बाद यह मामला भी सीबीआइ के अधीन चला गया. सितंबर 2017 से सीबीआइ मामलों की जांच कर रही है. 

चिरकुंडा थाना क्षेत्र में चार कंपनी के खिलाफ दर्ज मामलों में से दो कंपनी (वायर्ड व इनर्मस) की जांच धनबाद सीबीआइ व दो कंपनी (शारदा व विश्वामित्र) की जांच रांची सीबीआइ के अधिकारी कर रहे हैं. कुछ दिन पूर्व सीबीआइ रांची की टीम शारदा व विश्वामित्र के कार्यालय से कागजात ले गयी थी. मौके पर तत्कालीन सहकारिता पदाधिकारी जयप्रकाश दीक्षित, चिरकुंडा थाना के अनि सालो हेंब्रम व सीबीआइ के अधिकारी उपस्थित थे.

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