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budget 2019

  • Jul 6 2019 10:56AM
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Budget 2019: मध्य वर्ग को मामूली राहत, जानें कुछ खास बातें जो आपके लिए है जरूरी

Budget 2019: मध्य वर्ग को मामूली राहत, जानें कुछ खास बातें जो आपके लिए है जरूरी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पहले बजट में मध्य वर्ग को बड़ी राहत नहीं दी है. खासकर नौकरीपेशा लोगों ने जो उम्मीद लगायी थी, वह पूरी नहीं हुई. वित्त मंत्री ने ईमानदारी से टैक्स देनेवालों को धन्यवाद दिया है. उन्होंने अंतरिम बजट में पांच लाख तक की वार्षिक कर योग्य आमदनी वालों को कर से पूरी तरह से राहत देने की घोषणा को दोहराया है. हालांकि, जिनकी सालाना टैक्सेबल आय पांच लाख से ज्यादा है, वे इस छूट के दायरे में नहीं आयेंगे, क्योंकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है. 

45 लाख तक का घर खरीदने पर मिलेगी 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट : वित्त मंत्री ने कहा कि 45 लाख तक की कीमत वाले मकान की खरीद पर, उसपर लेने वाले हाउसिंग लोन के ब्याज पर इस वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख की अतिरिक्त छूट दी जायेगी. पहले सिर्फ दो लाख की छूट मिलती थी. लेकिन अब कुल 3.5 लाख की छूट मिलेगी.

पैन नहीं, तो आधार के जरिये भर सकेंगे आयकर रिटर्न : वित्त मंत्री ने आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया को और सरल कर दिया है. अब इसके लिए पैन की आवश्यकता नहीं रह गयी है. नये बजट प्रावधानों के अनुसार कोई भी व्यक्ति जिसके पास आधार कार्ड उपलब्ध है, वह आधार संख्या के साथ आयकर रिटर्न दाखिल कर सकता है. 

इ-वाहन लेने वालों को 1.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर छूट : वित्त मंत्री ने कहा कि ई-वाहन खरीदने वालों को ऑटो लोन पर 1.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर इनकम टैक्स से छूट मिलेगी. छूट पाने के लिए वाहन खरीदने वालों को यह बताना होगा कि उसने ई-वाहन की खरीद की है.

एक साल में एक करोड़ की नकद निकासी पर लगेगा 2% टीडीएस : अगर कोई व्यक्ति बैंक से एक साल में एक करोड़ से अधिक की नकद राशि निकालता है, तो उसपर 2% का टीडीएस लगाया जायेगा.

डायरेक्ट टैक्स वसूली बढ़कर 11.37 लाख करोड़ रुपये हुई. 78 प्रतिशत का इजाफा

कर दायरा बढ़ाने के लिए सरकार ने ठेकेदारों या पेशेवरों को एक साल में 50 लाख रुपये सालाना से अधिक का भुगतान करने पर पांच प्रतिशत की दर से टीडीएस अनिवार्य कर दिया है.  टीडीएस की राशि पैन के माध्यम से जमा करानी होगी.

ये भी जानें

बिजली बिल एक वर्ष में एक लाख से अधिक दिया तो रिटर्न अनिवार्य

ठेकेदारों, पेशेवरों को 50 लाख रुपये से अधिक के भुगतान पर कटेगा टीडीएस

जीएसटी की प्रक्रिया सरल बनायी जायेगी

एक साल में एक करोड़ नकद निकासी पर 2% टीडीएस

आइटीआर भरना सरल
एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए वित्त मंत्री ने पहली बार पहले से भरे हुए इनकम टैक्स रिटर्न लाने की घोषणा की है. यह कदम गलत डाटा भरने, टैक्स बचाने की तरकीबें लगाने से और बहुत सी गलतियों से आयकर विभाग और करदाता को बचायेगा.

कैश लेन-देन पर नजर

नये बजट में कैश परिचालन को हतोत्साहित करने के लिए एक साल में किसी भी एक बैंक अकाउंट से एक करोड़ से ज्यादा कैश निकालने पर बैंक द्वारा 2% टीडीएस काट लिया जायेगा. इस आधार पर आयकर विभाग ज्यादा विस्तृत जांच-पड़ताल कर पायेगा.

फेसलेस स्क्रूटनी

ई-पोर्टल के माध्यम से ही नोटिस दी जायेगी और करदाता ई-पोर्टल से ही जवाब देगा. करदाता को निर्धारण अधिकारी के बारे में भी कोई जानकारी नहीं रहेगी और पारदर्शी कर निर्धारण होगा. समस्त जानकारी केंद्रीय पोर्टल से प्राप्त करायी जायेगी. 

इनके लिए रिटर्न जरूरी

-यदि एक करोड़ से अधिक किसी करेंट एकाउंट में जमा किया गया है ताे

-यदि विदेश भ्रमण पर दो लाख से अधिक खर्च किया गया तो

-यदि बिजली बिल एक वर्ष में एक लाख से अधिक दिया गया तो

ऐसे करें अपने टैक्स की गणना




 
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