पुंछ आतंकी हमला: पूरे इलाके की हो रही गहन जांच, NIA की टीम भी रवाना, जानिए क्यों चीन से जुड़ रहा हमले का तार

Published by : Pritish Sahay Updated At : 21 Apr 2023 10:33 AM

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पुंछ में हुए बड़े आतंकी हमले के बाद पीएएफएफ ने हमले की जिम्मेदारी ली है. पीएएफएफ जैश समर्थित आतंकी संगठन है. हालांकि हमले की साजिश लश्कर और जैश ने मिलकर रची थी. पुंछ हमला का मास्टरमांइड यही दोनों आतंकी संगठन के होने की बात सामने आ रही है. वहीं, हमले का तार चीन से भी जुड़ रहा है.

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जम्मू-कश्मीर के पुंछ में कल यानी गुरुवार को हुए आतंकवादी हमले में पांच जवानों के शहीद होने के बाद बाटा-डोरिया क्षेत्र के एक जंगल में सुरक्षा बलों ने बड़ा तलाश अभियान शुरू किया है. अधिकारियों ने बताया कि पूरे इलाके को घेर लिया गया है और आतंकवादियों को खोजने के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है. उन्होंने बताया कि सीमावर्ती राजौरी और पुंछ जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है तथा नियंत्रण रेखा के पास कड़ी सतर्कता बरती जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादी हमले के बाद भीम्बर गली-पुंछ मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है और लोगों को मेंढर के रास्ते पुंछ जाने की सलाह दी गई है.

आतंकी हमले की एनआईए जांच: जम्मू कश्मीर के पुंछ में हुए आतंकी हमले की जांच अब एनआईए करेगी. बता दें, इस हमले में आतंकियों ने करीब 50 राउंड फायरिंग की थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकियों ने जिन गोलियों का इस्तेमाल किया था वो मेड इन चाइना थी. आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश समर्थित पीएएफएफ (PAFF) यानी पीपल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट ने ली है. बता दें, जम्मू कश्मीर के राजौरी सेक्टर में भीमबेर गली और पुंछ के बीच सेना का वाहन हाईवे से गुजर रहा था, इसी दौरान वाहन पर आतंकवादियों ने पहले गोलीबारी की, फिर ग्रेनेड से हमला कर दिया.

पीओके के जरिए हो सकती है घुसपैठ: पुंछ में हुए बड़ा आतंकी हमले के बाद पीएएफएफ ने हमले की जिम्मेदारी ली है. पीएएफएफ जैश समर्थित आतंकी संगठन है. मीडिया रिपोर्ट में अभी तक यह सामने आया है कि हमले की साजिश लश्कर और जैश ने रची थी. पुंछ हमला का मास्टरमांइड यही दोनों आतंकी संगठन के होने की बात सामने आ रही है. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि पीओके का रास्ते बड़ी घुसपैठ की पाकिस्तान तैयारी कर रहा है.

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गौरतलब है कि आतंकियों के हमले में शहीद हुए जवान नागरोटा में तैनात सेना की 16वीं कोर सैनिक थे. शहीदों में हवलदार मंदीप सिंह, लांस नायक देबाशीष बस्वाल, लांस नायक कुलवंत सिंह, सिपाही हरकृष्ण सिंह और सिपाही सेवक सिंह के नाम हैं. वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि वह बहादुर सैनिकों की शहादत से दुखी हैं. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, राष्ट्र के लिए उनकी सेवा को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं.
भाषा इनपुट के साथ

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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