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Coronavirus के प्रारंभिक जांच के लिए खर्च करने होंगे बस इतने रुपये

Updated at : 08 Apr 2020 6:37 AM (IST)
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Coronavirus के प्रारंभिक जांच के लिए खर्च करने होंगे बस इतने रुपये

कोरोना वायरस को लेकर विश्व भर में कई प्रयोग किए जा रहे हैं कि कैसे इस वायरस से निजात पाया जाए. खबर मिली है कि कोविड-19 वन टाइम यूज जांच किट को आप घर बैठे भी मंगा सकते हैं.

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कोरोना वायरस को लेकर विश्व भर में कई प्रयोग किए जा रहे हैं कि कैसे इस वायरस से निजात पाया जाए. खबर मिली है कि कोविड-19 वन टाइम यूज जांच किट को आप घर बैठे भी मंगा सकते हैं.

आपको बता दें कि वाराणसी में इंक्यूबेटी कपिल पराशर द्वारा तैयार कोविड-19 वन टाइम यूज जांच किट को नेशनल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा अनुमति मिल गई है। इसे अब प्राइवेट और सरकारी डायग्नोसिस सेंटरों को भी भेजा जा रहा है। इसके अलावा व्योम एप के जरिए भी यह इस हफ्ते के अंत तक आमजन पर भी उपलब्ध होगा. किट ले जाने वाले व्यक्ति को पचास रुपये किट का और 50 रुपये सेवा का चुकाना होगा. यानी 100 रुपये में आपको मिलेगी कोरना के प्रारंभिक जांच किट.

इसके अलावा पुणे स्थित डायग्नोस्टिक कंपनी मायलैब डिस्कवरी सॉल्युशन नेकहा कि उसने सीरम इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला और ए पी ग्लोबेल के चेयरमैन अभिजीत पवार के साथ साझेदारी की है, ताकि कोविड-19 परीक्षण किट की तेजी से आपूर्ति की जा सके.

कंपनी की परीक्षण किट भारत में बनी पहली किट है, जिसे केंद्रीय दवा मानक नियंत्रण संगठन (सीजीएससी) से वाणिज्यिक उत्पादन के लिए मंजूरी मिली है. कंपनी ने इस किट को मायलैब पैथोडिटेक्ट कोविड-19 क्वालिटेटिव पीसीआर किट नाम दिया है.

मायलैब डिस्कवरी में मॉलिक्यूलर डायगनॉस्टिक कंपनी, एचआईवी, हेपाटाइटिस बी और सी सहित अन्य बीमारियों के लिए भी टेस्टिंग किट तैयार करती है. कंपनी का दावा है कि वह एक सप्ताह के अंदर एक लाख कोविड-19 टेस्ट किट की आपूर्ति कर देगी और ज़रूरत पड़ने पर दो लाख टेस्टिंग किट तैयार कर सकती है.

मायलैब की प्रत्येक किट से 100 सैंपलों की जांच हो सकती है. इस किट की कीमत 1200 रुपये है, जो विदेश से मंगाए जाने वाली टेस्टिंग किट के 4,500 रुपये की तुलना में बेहद कम है. लेकिन, विदेशों में इसका उत्पादन भारी मात्रा में हो रहा है. आज हम आपको बताने वाले हैं कैसे इस किट को तैयार किया जा रहा है और कौन सी कंपनी प्रतिदिन 3.5 लाख किट तैयार कर रही हैं.

दरअसल, COVID-19 की जांच करने वाली किट को दक्षिण कोरियाई में भारी मात्रा में उत्पादन किया जा रहा है. दक्षिण कोरियाई की एक कंपनी एसडी बायोसेंसर हर दिन 3.5 लाख किट बना रही है. ऐसे महामारी के समय इस कंपनी का यह योगदान काफी अहम बताया जा रहा है. हालांकि, यह किट भारत में बन रहे किट से थोड़ा महंगा होता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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