रोहतक जेल में बंद डेरा प्रमुख राम रहीम की सजा का एलान अब 18 अक्टूबर को, जानें आज कोर्ट में क्या हुआ

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Gurmeet Ram Rahim Singh: 8 अक्टूबर को सीबीआई की विशेष अदालत ने डेरा प्रमुख राम रहीम को वर्ष 2002 में हुई हत्या के मामले में दोषी ठहराया था.

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पंचकूला: पंचकूला में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने हत्या के एक मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह (Gurmeet Ram Rahim Singh News) और चार अन्य की सजा पर फैसला 18 अक्टूबर के लिए टाल दिया है. विशेष अदालत ने डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में शुक्रवार (8 अक्टूबर) को इन्हें दोषी ठहराया था. अन्य दोषी कृष्ण लाल, जसबीर सिंह, अवतार सिंह और सबदिल हैं. सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक एचपीएस वर्मा ने पंचकूला में अदालत के बाहर पत्रकारों से कहा कि सीबीआई और बचाव पक्ष के वकीलों ने सजा पर दलीलें पूरी की.

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कुछ दोषियों के वकील ने वक्त मांगते हुए कहा कि वे अभियोजन पक्ष द्वारा रखी कुछ बातों पर गौर करना चाहते हैं. उनके अनुरोध पर अदालत ने मामला 18 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया. पुलिस ने मंगलवार को अदालत द्वारा सजा सुनाये जाने की संभावना के मद्देनजर पंचकूला और सिरसा में भी सुरक्षा कड़ी कर दी, जहां डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय है. डेरा प्रमुख वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये अदालत में पेश हुआ, जबकि अन्य चार दोषी अदालत में मौजूद रहे.सिंह दो अनुयायियों के साथ बलात्कार के मामले में 2017 में दोषी ठहराये जाने के बाद से जेल में बंद है.

पुलिस को आशंका है कि गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ फैसला आने के बाद डेरा समर्थक उत्पात मचा सकते हैं. इसलिए पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत और उसके आसपास की सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है. चार से ज्यादा लोगों के एक साथ रहने पर रोक लगा दी गयी है. इस सुनवाई में राम रहीम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये भाग लेगा. गुरमीत को कुछ वर्ष पहले दो मामलों में उम्रकैद की सजा दी गयी थी. उसके बाद से वह रोहतक के सुनारिया जेल में बंद है.

डेरा प्रमुख राम रहीम सिंह को जिन मामलों में सजा हुई है, उनमें एक साध्वियों से दुष्कर्म का मुद्दा है, तो दूसरा मामला रामचंद्र प्रजापति की हत्या का. रणजीत सिंह हत्याकांड तीसरा मामला है, जिसमें उसे सजा सुनायी जायेगी. बताया जा रहा है कि वर्ष 2002 में राम रहीम के काले कारनामे उजागर हुए, तो उसकी कथित तौर पर हत्या करवा दी गयी. डेरा छोड़ने के बाद उसकी हत्या हुई थी.

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डेरा के मैनेजर रहे रणजीत सिंह का 10 जुलाई 2002 को शव बरामद हुआ था. 3 दिसंबर 2003 को रणजीत सिंह के बेटे जगसीर सिंह की याचिका पर इस मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज हुई थी. बाद में हरियाणा की सरकार ने इस मामले की जांच का जिम्मा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया था. सीबीआई ने अपनी जांच में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को रणजीत सिंह की हत्या का दोषी पाया.

सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गुरमीत राम रहीम सिंह ने ही रणजीत सिंह की हत्या की साजिश रची थी. सीबीआई की इस रिपोर्ट के बाद स्थानीय पुलिस ने तमाम साक्ष्य जुटाये और राम रहीम के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की. बाद में मामला सीबीआई की विशेष अदालत में पहुंचा. 8 अक्टूबर को डेरा प्रमुख को रणजीत सिंह की हत्या का दोषी करार दिया गया.

Posted By: Mithilesh Jha

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