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''मल्टीप्लेक्स और थियेटरों में बाहर से खाने-पीने की चीज ले जाने से नहीं रोकता है कोई कानून''

Updated at : 11 Dec 2019 4:45 PM (IST)
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''मल्टीप्लेक्स और थियेटरों में बाहर से खाने-पीने की चीज ले जाने से नहीं रोकता है कोई कानून''

हैदराबाद : अगर आप किसी थियेटर, सिनेमाहॉल या फिर मल्टीप्लेक्स में पिक्चर देखने का जा रहे हैं या फिर पिक्चर देख रहे हैं और इंटरवल में आप बाहर से खाने-पीने की चीज खरीदकर ले जाते हैं, तो आपको ये चीजें सिनेमा हॉल के अंदर ले जाने से कोई नहीं रोक सकता. यहां तक कि इन […]

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हैदराबाद : अगर आप किसी थियेटर, सिनेमाहॉल या फिर मल्टीप्लेक्स में पिक्चर देखने का जा रहे हैं या फिर पिक्चर देख रहे हैं और इंटरवल में आप बाहर से खाने-पीने की चीज खरीदकर ले जाते हैं, तो आपको ये चीजें सिनेमा हॉल के अंदर ले जाने से कोई नहीं रोक सकता. यहां तक कि इन चीजों को लेकर कानून भी किसी प्रकार की रोक नहीं लगाता. सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत मांगी गयी सूचना के जवाब में हैदराबाद पुलिस ने बताया कि सिनेमा हॉल में खाने-पीने की चीज के साथ अंदर जाने दिया जा सकता है. पुलिस का कहना है कि मल्टीप्लेक्स दर्शकों को खाने-पीने का सामान अंदर ले जाने से नहीं रोक सकते.

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, हैदराबाद के कार्यकर्ता ने आरटीआई के जरिये स्थानीय पुलिस से जानकारी मांगी थी,जिसके जवाब में हैदराबाद पुलिस ने ये जानकारी दी है. पुलिस के मुताबिक, देश में ऐसा कोई भी कानून नहीं है, जिसके तहत दर्शकानें को अपने खाने-पीने की चीजें ले जाने से रोका जा सके. हैदराबाद पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ने आरटीआई के जवाब में लिखा है कि सिनेमा विनियमन अधिनियम-1955 के तहत ऐसा कोई नियम नहीं है, जो सिनेमा देखने वालों को बाहर से खाने-पीने की चीज ले जाने से रोके. पुलिस ने अपने जवाब में यहां तक कहा है कि कानूनी सलाहकार विभाग की ओर से शिकायत दर्ज कराने के लिए कस्टमर हेल्पलाइन भी है.

गौरतलब है कि हैदराबाद पुलिस के पास ही ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मॉल्स और मल्टीप्लेक्सों में स्टॉल खोले जाने के लिए लाइसेंस देने का अधिकार है. इस मामले में पुलिस का कहना है कि यदि कोई थियेटर नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो टीएस सिनेमा (विनियमन) कानून-1955 की धारा-9 के तहत लाइसेंसधारकों और प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके जवाब आने के बाद त्वरित कार्रवाई की जायेगी.

उधर, आरटीआई कार्यकर्ता विजय गोपाल ने अंग्रेजी के एक अखबार के साथ बातचीत करते हुए कहा कि सिनेमा देखने वालों को बाहर से पानी की बोतल ले जाने पर रोक नहीं लगायी जानी चाहिए, लेकिन थियेटरों में सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखने के लिए बैठी पुलिस बाहर से खाने-पीने की चीजों को अंदर ले जाने से रोक रही है. इसलिए खाने-पीने की चीजें जैसे चिप्स के पैकेट पर किसी प्रकार की रोक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा, सिनेमा देखने वालों से सिंगल स्क्रीन थियेटर को थ्री डी ग्लासेज के नाम पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर हमने हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की है. पुलिस को सभी थियेटरों को बाहर से पानी की बोतल और थ्री डी ग्लासेज के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलने से रोकने की खातिर स्पष्ट रूप से सूचना जारी करना होगा.

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