भारत,अमेरिकी राष्ट्रपति और सुरक्षा व्यय

-हरिवंश- समृद्ध पंरपरा भले ही न रही हो या लंबा अतीत-इतिहास का अभाव रहा हो, पर अमेरिकी बनानेवालों ने अपने सपनों की बुनियाद डाली है, वह बुनियाद पग-पग पर है, व्हाइट हाउस में अमेरिका के राष्ट्रपति रहते है, दिल्ली या पटना में एक-एक सांसद-विधायक के जो बड़े भव्य बंगले है. अहाते है (मंत्रियों-मुख्यमंत्रियों को छोड़ […]
-हरिवंश-
कोई बड़ा तामझाम -रोकटोक नहीं है, बगल में ही राष्ट्रपति का कार्यालय है, ओवल हाउस.ओवल हाउस के हरे लॉन पर कैमरे रखे है, ढंके हुए पता चलता है कि राष्ट्रपति शाम में कार्यालय से निकल कर यहां आ जाते है, खड़े-खड़े अखबारनवीशों को संबोधित करते है. इस कारण टीवी कैमरे वगैरह वहीं स्थायी तौर पर रख दिये है, अखबार या टेलीविजन वालों ने व्हाइट हाउस के बगल में विशालकाय भवन है, अमेरिका के उपराष्ट्रपति का कार्यालय राष्ट्रपति से काफी बड़ा कैथरीना फोर्ड बताती है कि कुछ ही दिनों पहले यात्रियों का एक दल व्हाइट हाउस आया था. छड़ से सटे फूलों के बाग में देखा तो दंग रह गया . राष्ट्रपति क्लिंटन फूलों की बागवानी कर रहे थे. वह पास आ गये, हां, जब बड़े कार्यक्रम आयोजन होते है, तो सुरक्षाकर्मी चौकस हो जाते है.
अमेरिकी संसद भव्य कला स्थापत्य की प्रतिरूप है. एक तरफ सीनेटर बैठते हैं, दूसरी ओर हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के सदस्य बीच में गोला बुर्ज है. 180 फीट लंबा 60-60 फीट चौड़ा,इसके ठीक ऊपर फ्रीडम ऑफ स्टेच्यू है. वाशिंगटन वासियों का निर्णय है कि कोई भी भवन इस फ्रीडम ऑफ स्टेच्यू से बड़ा नहीं होगा. इस कारण इससे ऊंची इमारतें यहां नहीं बनतीं. राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है, यह संकल्प इस कारण अमेरिकी उस संकल्प सपने में जीना चाहते है, शायद उनकी राष्टीय भावना का यही ऊर्जा-श्रोत भी है.
अमेरिकी संसद में भी अति सामान्य सुरक्षा है जब बैठकें होती है तो कोई भी विदेशी महज अपना पासपोर्ट दिखा कर संसद के आगंतुकों कक्ष में बैठ सकता है. बगल में संसद की विशाल लाइब्रेरी है. पर इसमें सिर्फ 100 सीनेटर या 435 जन प्रतिनिधि ही नहीं जा सकते, बल्कि 18 वर्ष से ऊपर का हर व्यक्ति जा सकता है, भारत की संसद की समृद्ध लाइब्रेरी में जाना कठिन है. सांसदों का पढ़ने-लिखने से रिश्ता टूटता जा रहा है. बिहार विधानसभा की लाइब्रेरी से शायद ही दो चार विधायकों का रिश्ता हो, पर विधानसभा की इस लाइब्रेरी को देखने के लिए विधायकों की जो समिति बनती है, वह दूसरी विधानसभाओं की लाइब्रेरी भ्रमण पर ही अनापशनाप व्यय करती है.
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