बड़ी राहत : दूसरे बैंक खातों से भी क्रेडिट कार्ड के बकाये का भुगतान कर सकते हैं Yes Bank के ग्राहक

Updated at : 10 Mar 2020 3:42 PM (IST)
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बड़ी राहत : दूसरे बैंक खातों से भी क्रेडिट कार्ड के बकाये का भुगतान कर सकते हैं Yes Bank के ग्राहक

Yes Bank के ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहतभरी खबर है और वह यह कि वे अब अपने दूसरे बैंक के खातों से भी क्रेडिट कार्ड के बकाये और लोन की किस्तों का भुगतान कर सकते हैं. बैंक ने मंगलवार को दावा किया है कि उसके एटीएम में पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध है. उसके ग्राहक निर्धारित सीमा के अंदर नकदी की निकासी कर सकते हैं.

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नयी दिल्ली : संकटग्रस्त यस बैंक के ग्राहकों के लिए बहुत बड़ी राहत भरी खबर है और वह यह कि वे अब अपने दूसरे बैंक के खातों से भी क्रेडिट कार्ड के बकाये का भुगतान कर सकते हैं. बैंक ने मंगलवार को कहा कि उसके ग्राहक अपने क्रेडिट कार्ड और ऋणों का भुगतान अन्य बैंक खातों के माध्यम से कर सकते हैं.

इससे पहले, नकदी संकट के चलते रिजर्व बैंक ने उसके कामकाज पर रोक लगा दी थी. बैंक के कामकाज पर रोक के बाद एटीएम और बैंक की शाखाओं के सामने पैसे निकालने के लिए लंबी-लंबी कतारें देखी गयीं. ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग और डिजिटल भुगतान जैसे अन्य प्लेटफॉर्म के जरिये भी पैसे नहीं निकाल पा रहे थे. इसके अलावा, विदेशी मुद्रा सेवाएं और क्रेडिट कार्ड सेवाएं भी प्रभावित हुईं.

यस बैंक ने ट्वीट किया है कि आईएमपीएस और एनईएफटी सेवाएं अब बहाल हो गयी हैं. बैंक ने कहा कि आप दूसरे बैंक खातों से यस बैंक के क्रेडिट कार्ड के बकाये और ऋण की देनदारियों का भुगतान कर सकते हैं. बैंक ने कहा है कि उसके एटीएम भी पूरी तरह काम कर रहे हैं और ग्राहक निर्धारित रकम निकाल सकते हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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