RBI का बाजार को भरोसा : वैश्विक हालात पर बनी हुई है कड़ी नजर, मार्केट की स्थिरता के लिए उठायेंगे जरूरी कदम

कोरोना वायरस के कहर से शुक्रवार को एशियाई बाजारों समेत भारतीय शेयर बाजारों में आयी भारी गिरावट के बाद देश के केंद्रीय बैंक ने भरोसा दिया है कि उसकी तेजी से बदलते मौजूदा वैश्विक हालात पर पैनी नजर बनी हुई है. बाजार की स्थिरता और उसमें तरलता बनाये रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाये जाएंगे.
मुंबई : रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि वह मौजूदा वैश्विक हालात पर नजर रखे हुए है. उसने भरोसा दिया है कि वह बाजार में पर्याप्त तरलता तथा स्थिरता बनाये रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा. रिजर्व बैंक का यह बयान उस दिन आया, जब घरेलू शेयर बाजारों में कारोबार शुरू होते ही भारी गिरावट के बीच सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा. यह वर्ष 2008 के बाद पहला मौका है, जब शेयर बाजारों में सर्किट ब्रेकर लगा.
केंद्रीय बैंक ने एक बयान में कहा, ‘आरबीआई तेजी से उभर रही वैश्विक हालातों पर नजर रखे हुए है. बॉन्ड तथा विदेशी मुद्रा बाजार में पर्याप्त नकदी, स्थिरता एवं सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा. बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एकसचेंज का निफ्टी शुक्रवार को शुरूआती कारोबार में 10 फीसदी से अधिक लुढ़क गये. इस दौरान ये अपने लोअर सर्किट के स्तर तक पहुंच गये.
कोरोना वायरस फैलने के कारण मंदी की आशंका में बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गयी. शेयर बाजारों के खुलने के 15 मिनट के भीतर बाजार में भारी गिरावट को देखते हुए कारोबार को 45 मिनट के लिए रोकना पड़ा. मुद्रा बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार हुआ और कारोबार के दौरान यह 46 पैसे की बढ़त के साथ 73.82 पर पहुंच गया.
शुरुआती कारोबार में अमेरिका डॉलर के मुकाबले रुपया 74.5075 के रिकॉर्ड निम्न स्तर तक चला गया था. आरबीआई ने शुक्रवार को डॉलर बिकवाली-खरीद अदला-बदली के प्रभाव से निपटने के लिए 25,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालने की भी घोषणा की है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




