Corona Kavach Policy ने तोड़े बिक्री के सारे रिकॉर्ड, महीने भर में 1 करोड़ से ज्यादा लोगों ने कराया बीमा, जानिए क्या हैं इसके फायदे...?

Corona Kavach Policy : देश में फैले कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के निर्देश पर लॉन्च किए गए हेल्थ इंश्योरेंस कोरोना कवच पॉलिसी ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. कोरोना वायरस का संक्रमण के इलाज के लिए काम आने वाली इस कोरोना कवच पॉलिसी को देश के लोगों ने हाथोंहाथ उठाया है. आलम यह कि बीते एक महीने में इसकी बिक्री 10 गुना बढ़कर 15 लाख से 1.1 करोड़ हो गई.
Corona Kavach Policy : देश में फैले कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिए भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के निर्देश पर लॉन्च किए गए हेल्थ इंश्योरेंस कोरोना कवच पॉलिसी ने बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. कोरोना वायरस का संक्रमण के इलाज के लिए काम आने वाली इस कोरोना कवच पॉलिसी को देश के लोगों ने हाथोंहाथ उठाया है. आलम यह कि बीते एक महीने में इसकी बिक्री 10 गुना बढ़कर 15 लाख से 1.1 करोड़ हो गई.
हेल्थ पॉलिसी की अनदेखी करने से बच रहे हैं लोग
बता दें कि हाल में सीआईआई की बैठक में बीमा नियामक इरडा के चेयरमैन एससी खुंटिया ने इसके बारे में एलान किया. ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तौर पर तो इसके खरीदार कम निकले लेकिन बड़ी संख्या में रिटेल कस्टमर्स ने इसे खरीदा है. बाजार विशेषज्ञों के हवाले से मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण इससे जुड़ी पॉलिसियों की ग्रोथ में इजाफा हुआ है. अनिश्चितता अब भी बनी हुई है. मेडिकल से जुड़े खर्च भी बढ़ रहे हैं. इसे देखते हुए लोग हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी की अनदेखी करने से बच रहे हैं.’
अस्पताल के बिलों पर मीडिया रिपोर्ट का पड़ा प्रभाव
बीमा कंपनियों के अनुसार, कोरोना के इलाज के लिए अस्पतालों के बिलों पर मीडिया की रिपोर्टों का असर पड़ा है. कंपनियों का कहना है कि करीब 75 फीसदी कस्टमर 2-5 लाख रुपये के सम इंश्योर्ड को वरीयता दे रहे हैं. केवल एक चौथाई लोग 2 लाख से कम का कवर ले रहे हैं. बीमा कंपनियां का कहना है कि कई ग्राहक पहली बार इंश्योरेंस खरीदने वाले हैं.
क्या हैं कोरोना कवच पॉलिसी के फायदे?
देश की तमाम बीमा कंपनियां इन दिनों कोरोना कवच हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ऑफर कर रही हैं. ये स्टैंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है, जो कोविड-19 के चलते तमाम तरह के चिकित्सकीय खर्चों को कवर करती हैं. इरडा के दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी कंपनियों में पॉलिसी को जारी करने की शर्तें एक जैसी हैं. स्टैंडर्ड हेल्थ पॉलिसी से यही मतलब है. इसके तहत अपने और अपने परिवार के सदस्यों के लिए 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का कर्ज लिया जा सकता है. इसमें पॉलिसी की अवधि साढ़े तीन महीने, साढ़े छह महीने और साढ़े नौ महीने होती है.
इन खर्चों को कवर करती हैं बीमा कंपनियां
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अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के खर्च
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होम केयर ट्रीटमेंट
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आयुष ट्रीटमेंट (नॉन-एलोपैथिक)
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रोड एंबुलेंस कवर
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कोविड-19 के इलाज के दौरान किन्हीं और बीमारी का ट्रीटमेंट
Posted By : Vishwat Sen
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