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IT के रेड में स्पुतनिक वी बनाने वाली कंपनी से 142 करोड़ बरामद, नोटों की गड्डी देख दंग रह गए अधिकारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, आयकर विभाग को हेटरो फार्मा के पास तकरीबन 550 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति की जानकारी मिली.

By Prabhat khabar Digital
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सोशल मीडिया पर वायरल आलमारी में रखी गई नोटों की गड्डी वाली तस्वीर.
सोशल मीडिया पर वायरल आलमारी में रखी गई नोटों की गड्डी वाली तस्वीर.
फोटो : ट्विटर.

नई दिल्ली : आयकर विभाग ने भारत में रूसी कोरोना वैक्सीन के निर्माण का ठेका लेने वाले हैदराबाद स्थित हेटरो फार्मा ग्रुप के पर छापेमारी की. इस दौरान विभाग ने तकरीबन 142 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की. आलमारी में ठूंस-ठूंसकर रखी गई नोटों की गड्डी को देखकर आयकर विभाग के अधिकारी भी दंग रह गए.

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, आयकर विभाग को हेटरो फार्मा के पास तकरीबन 550 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति की जानकारी मिली. इस जानकारी पर विभाग की ओर से की गई छापेमारी के दौरान अधिकारियों को करीब 142 करोड़ रुपये मिली. आलमारी में रखी गई नोटों की गड्डी को देखकर आयकर विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए. अब सोशल मीडिया पर आलमारी में ठूंस-ठूंसकर रखी गई नोटों की गड्डी की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

IT के रेड में स्पुतनिक वी बनाने वाली कंपनी से 142 करोड़ बरामद, नोटों की गड्डी देख दंग रह गए अधिकारी

छह राज्यों के 50 ठिकानों पर छापे

बता दें कि आयकर विभाग ने अभी हाल ही में भारत में रूसी कोरोना रोधी वैक्सीन स्पुतनिक वी के निर्माण का ठेका लेने वाली दवा कंपनी हेटरो फार्मा ग्रुप पर तलाशी अभियान चलाया था. इस दौरान विभाग की ओर से देश के 6 राज्यों में तकरीबन 50 स्थानों पर छापेमारी की गई.

अमेरिका-यूरोपीय देशों में निर्यात करती है हेटरो कंपनी

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, हेटरो ग्रुप फार्मास्युटिकल उत्पादों के प्रोडक्शन और फॉर्मूलेशन के निर्माण आदि का कारोबार करता है. इसके उत्पाद अमेरिका, दुबई, अफ्रीकी देश और यूरोपीय देशों में निर्यात किए जाते हैं.

इन वजहों से सुर्खियों में आई हेटरो फार्मा

इसके साथ ही, यह कंपनी कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए रेमडेसिविर, फेविपिरवीर जैसी विभिन्न दवाओं को लेकर भी सुर्खियों में आई. इसकी भारत, चीन, रूस, मिस्र, मैक्सिको और ईरान में दो दर्जन से अधिक जगहों पर उत्पादन फैसिलिटी उपलब्ध हैं. पिछले महीने ही कंपनी ने कहा था कि उसे अस्पताल में भर्ती वयस्कों में कोरोना के इलाज के लिए टॉसिलिजुमैब के बायोसिमिलर वर्जन के लिए भारतीय औषधि नियंत्रक (डीसीजीआई) से इमरजेंसी यूज की मंजूरी मिल गई है.

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