... तो ठहर जायेगा भारत का गैस उत्पादन

नयी दिल्ली: अमेरिकी परामर्शदाता फर्म आईएचएस ने आगाह किया है कि अगर कीमत सुधारों को लागू नहीं किया गया तो भारत का प्राकृतिक गैस का उत्पादन मौजूदा स्तर पर ही ठहर जाएगा और उसे अपनी मांग को पूरा करने के लिए भारी मात्र में आयात करना पडेगा. आईएचएस ने कहा है कि कम विनियंत्रित गैस […]
नयी दिल्ली: अमेरिकी परामर्शदाता फर्म आईएचएस ने आगाह किया है कि अगर कीमत सुधारों को लागू नहीं किया गया तो भारत का प्राकृतिक गैस का उत्पादन मौजूदा स्तर पर ही ठहर जाएगा और उसे अपनी मांग को पूरा करने के लिए भारी मात्र में आयात करना पडेगा.
आईएचएस ने कहा है कि कम विनियंत्रित गैस कीमतों से भारत में आपूर्ति में कमी का संकट खडा हुआ है लेकिन कीमत फामूर्ले में प्रस्तावित सुधार से घरेलू उत्पादन में वृद्धि तथा देश की अर्थव्यवस्था में तेजी की राह खुल सकती है.
इसकी रपट में कहा गया है, 4.2 डालर प्रति एमबीटीयू की (मौजूदा गैस कीमत: दर पर तथा किसी तरह का सुधार नहीं होने पर उत्पादन तीन अरब घन फुट :बीसीएफ: प्रति दिन पर स्थिर हो जाएगा और भारत को 9.7 बीसीएफ प्रति दिन एलएनजी का आयात करना होगा. इसके अनुसार, अतृप्त मांग का भारत की अर्थव्यवस्था पर बडा असर होगा.
इसके अनुसार पूर्ववर्ती संप्रग सरकार द्वारा शुरु किए गए सुधारों के तहत अगर कीमतों को बढाकर 8.5 डालर करने की अनुमति दी जाती है तो दस साल में 1.95 बीसीएफ प्रति दिन का अतिरिक्त उत्पादन प्राप्त किया सकता है.पूर्ववर्ती सरकार ने एक नई कीमत फार्मूले को मंजूरी दी थी जिसमें घरेलू स्तर पर उत्पादित सारी गैस का दाम एक अप्रैल से लगभग दोगुना किया जाना है. हालांकि नई कीमतों के लागू होने से पहले ही आम चुनावों की घोषणा हो गई और कार्यान्वयन टल गया. नई राजग सरकार इसके कार्यान्वयन पर विचार कर रही है.
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