CORONA ने तोड़ी ऑटो सेक्टर की कमर, रोजाना 2300 करोड़ का नुकसान

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CORONA ने तोड़ी ऑटो सेक्टर की कमर, रोजाना 2300 करोड़ का नुकसान

Coronavirus Crisis Costs Heavy Loss for Auto Sector: कोरोनावायरस का असर दुनियाभर के हर सेक्टर पर पड़ा है. इसका बड़ा असर अब भारतीय ऑटो सेक्टर पर भी देखने को मिल रहा है. वाहन बनाने वाली कंपनियों की संस्था सियाम ने कहा है कि लॉकडाउन से ऑटो सेक्टर को जबरदस्त नुकसान होगा.

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Coronavirus Crisis Costs Heavy Loss for Auto Sector: कोरोनावायरस का असर दुनियाभर के हर सेक्टर पर पड़ा है. इसका बड़ा असर अब भारतीय ऑटो सेक्टर पर भी देखने को मिल रहा है. वाहन बनाने वाली कंपनियों की संस्था सियाम ने कहा है कि लॉकडाउन से ऑटो सेक्टर को जबरदस्त नुकसान होगा.

भारत में 21 दिन के लॉकडाउन वजह से ऑटो इंडस्ट्री की अधिकतर कंपनियों ने अपने प्लांट अस्थायी तौर पर बंद कर दिए हैं. ऐसे में कंपनियों को हर दिन 2300 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जाहिर की जा रही है.

बता दें कि मारुति सुजुकी इंडिया, हुंडई, होंडा, महिंद्रा, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर, टाटा मोटर्स, किया मोटर्स और एम जी मोटर इंडिया ने अपने अपने कारखानों को अस्थाई तौर पर बंद करने की घोषणा की है.

इसके अलावा टायर मैन्युैक्चरर्स और अन्य प्रमुख वाहन कलपुर्जे बनानी वाली कंपनियों ने भी कारोना वायरस की वजह से अपनी गतिविधियां बंद कर दी हैं.

इस बीच, खबर है कि जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज के निदेशक मंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी 25 प्रतिशत तक कम वेतन लेंगे.

कंपनी के चेयरमैन और पूर्णकालिक निदेशक अपने वेतन से 25 प्रतिशत कम वेतन लेंगे जबकि वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारी भी अपने वेतन से 15 से 20 प्रतिशत कम वेतन लेंगे.

कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रघुपति सिंघानिया ने एक बयान में कहा, कोरोना वायरस संकट की वजह से मौजूदा हालात में हम बिक्री और लाभ, दोनों स्तर पर अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सहृदयता दिखाते हुए हमारा प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारी आगे आये हैं और उन्होंने अपना 25 प्रतिशत तक कम वेतन लेने का निर्णय किया है.

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राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

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