न्याय नहीं मिला तो परिवार समेत करेंगे आत्मदाह

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Aug 2014 7:58 AM

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धनबाद: ऊपर कूल्ही झरिया निवासी मो गुलाम रसूल ने शिक्षा मंत्री गीता श्री उरांव और डीएसइ बांके बिहारी सिंह को आवेदन देते हुए न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है. वे दाहिने हाथ से विकलांग हैं और केवल पढ़ाई-लिखाई का ही काम कर पाते हैं. आवेदन में उन्होंने लिखा है कि तत्कालीन डीएसइ […]

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धनबाद: ऊपर कूल्ही झरिया निवासी मो गुलाम रसूल ने शिक्षा मंत्री गीता श्री उरांव और डीएसइ बांके बिहारी सिंह को आवेदन देते हुए न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है. वे दाहिने हाथ से विकलांग हैं और केवल पढ़ाई-लिखाई का ही काम कर पाते हैं.

आवेदन में उन्होंने लिखा है कि तत्कालीन डीएसइ व बीइइओ, झरिया ने उन्हें पढ़ाने का मौखिक आदेश दिया था. इसके बाद उन्होंने दो से ढाई साल तक नीचे कुल्ही शाह नगर बोर्ड उर्दू मध्य विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया, लेकिन आजतक मानदेय नहीं मिला. स्कूल में पारा शिक्षक नियुक्ति को लेकर हुए विवाद के कारण उनकी नियुक्ति पारा शिक्षक के रूप में नहीं हो पायी थी. केवल डीएसइ व बीइइओ के कहने पर सारा कामकाज छोड़ बच्चों को पढ़ाया.

मानदेय एवं नियुक्ति के विवाद को सुलझाने के लिए जनवरी 2008 से जिला प्रशासन व डीएसइ कार्यालय को आवेदन लिख रहे हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है. मामले में विधायक कुंती सिंह, पूर्व मंत्री चंद्रशेखर दुबे से भी मिले थे. पूरा परिवार भुखमरी के कगार पर है और न्याय नहीं मिला तो परिवार समेत आत्मदाह कर लेंगे. आवेदन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, गृह मंत्री (झारखंड), उपायुक्त को दिया है. मामले में डीएसइ श्री सिंह ने कहा कि मामला मेरे पास नहीं आया है. संज्ञान में आने पर कार्यवाही करेंगे.

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