यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने में कहां फंस रहा पेच, बता रहे हैं केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Mar 2022 10:15 AM
किरेन रिजिजू ने कहा कि वहां हालात ठीक नहीं है. वहां पहुंचना आसान नहीं है, जैसा हम सोचते हैं कि एंबेसी वाले वहां जा क्यों नहीं रहे हैं? दूर से बैठकर ऐसा सोचना आसान है, लेकिन उन इलाकों में जाना आसान नहीं है. परिस्थितियां बेहद चुनौती भरी हैं और इन्हीं चुनौतियों में हम काम कर रहे हैं.
नई दिल्ली : युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय छात्रों और नागरिकों को निकालने के लिए भारत सरकार की ओर से ऑपरेशन गंगा के तहत युद्धस्तर पर मिशन चलाया जा रहा है. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन से लगातार बात कर रहे हैं. इसके साथ ही, सरकार ने अपने चार मंत्रियों को विशेष दूत बनाकर यूक्रेन से सटे पड़ोसी देशों में भेजा है. इस मिशन पर यूक्रेन के पड़ोसी देश स्लोवाकिया गए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भारतीय छात्रों से बातचीत के दौरान यूक्रेन से अपने छात्रों और नागरिकों को निकालने में पेश आ रहीं चुनौतियों और पेचीदगियों को साझा किया. उन्होंने छात्रों को बताया कि भारत सरकार को यूक्रेन से भारतीय नागरिकों और छात्रों को निकालने में कहां-कहां पर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
स्लोवाकिया में यूक्रेन से निकले भारतीय छात्रों से बातचीत करते हुए चुनौतियों और पेचीदगियों के बारे में बताते हुए भरोसा दिया कि अभी ऑपरेशन खत्म नहीं हुआ है. अभी भी अंदर कई लोग फंसे हुए हैं. उन लोगों को बाहर निकालना प्रायोरिटी है. हम उन सभी को यह भरोसा देते हैं कि हम सभी भारतीय को सुरक्षित निकालेंगे. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे नागरिकों को सुरक्षित करने और उन्हें जल्द से जल्द घर लोने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं. इस तरह बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाने वाला भारत दुनिया का सबसे पहले देश है.
Prime Minister @narendramodi Ji has given a clear direction to secure our citizens & bring them home as soon as possible. India is the only country to carry out the rescue operation at this level. #OperationGanga 🇮🇳 #UkrianeWar https://t.co/wDPBFzBWa3 pic.twitter.com/sxJh6bOhEb
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) March 2, 2022
भारतीय छात्रों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि लेकिन कुछ लोग ईस्टर्न में हैं. वार जोन में हैं. क्या करें, हमारा एंबेसी स्टाफ भी नहीं जा पाते. फायरिंग चल रही है, बमबार्डिंग है. इसलिए दिक्कत है. उन्होंने कहा कि कुछ डिस्ट्रेस वीडियो आ जाते हैं, जो हमारे देश में सर्कुलेट हो जाते हैं. तो लोगों को ऐसा लगने लगता है कि हमारे एंबेसी वाले वहां क्यों नहीं पहुंच पा रहे हैं.
किरेन रिजिजू ने कहा कि वहां हालात ठीक नहीं है. वहां पहुंचना आसान नहीं है, जैसा हम सोचते हैं कि एंबेसी वाले वहां जा क्यों नहीं रहे हैं? दूर से बैठकर ऐसा सोचना आसान है, लेकिन उन इलाकों में जाना आसान नहीं है. परिस्थितियां बेहद चुनौती भरी हैं और इन्हीं चुनौतियों में हम काम कर रहे हैं, लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम सभी को सुरक्षित निकालने प्रयास कर रहे हैं और जब तक हम एक-एक भारतीय नागरिक को यहां से निकाल नहीं लेते, मैं इस जगह को नहीं छोड़ूंगा.
इसके साथ ही, ऑपरेशन गंगा भारतीय छात्रों को निकालने के लिए भारत सरकार के मिशन के तहत स्लोवाकिया गए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भारतीय मूल के एक शख्स और उसके दोस्त के प्रयासों की जमकर प्रशंसा की, जो भारतीय नागरिकों को युद्ध प्रभावित यूक्रेन से बाहर निकालने में मदद कर रहे है. रिजीजू ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू पर अक्षय कुमार दीक्षित नाम के शख्स की फोटो पोस्ट की और लिखा, ‘भारतीय मूल के अक्षय कुमार दीक्षित स्लोवाकिया में रहते हैं. वे और उनके दोस्त यूक्रेन से आने वाले भारतीयों की निकालने में हर तरह की मदद करने के मिशन में मेरे साथ रहे हैं.
यूक्रेन में फंसे छात्रों को लेकर भारतीय वायुसेना का तीसरा और चौथा विमान बुखारेस्ट से हिंडन एयरपोर्ट पहुंचा. एयरपोर्ट पर यूक्रेन से भारत वापस आए छात्रों से बात करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा कि मैं आप सभी का स्वागत करता हूं. विषम परिस्थितियों में यूक्रेन से हर भारतीय छात्र को निकालने के लिए प्रधानमंत्री जी खुद नजर बनाए हुए हैं. मैं क्रू टीम को भी बधाई देता हूं. उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदनाएं हैं और अटैचमेंट हो जाता है. जिन लोगों के साथ कुत्ते और बिल्ली आए हैं उनका भी स्वागत है. प्रधानमंत्री जी की संवेदनशीलता है कि वो पल पल की खबर ले रहे हैं कि कहां कितने बच्चे बाकी रह गए हैं. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए भारत सरकार पूरी कोशिश कर रही है और भारतीय वायु सेना के जहाज, प्राइवेट जहाज और कई जहाजों को लगातार सरकार भेज रही है.
यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर एयर इंडिया एक्सप्रेस की विशेष उड़ान रोमानिया के बुखारेस्ट से मुंबई हवाई अड्डे पहुंची. केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री रेलवे रावसाहेब पाटिल दानवे ने यूक्रेन से भारत लौटे भारतीय नागरिकों के साथ बातचीत की. मुंबई में केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री रावसाहेब पाटिल दानवे ने कहा कि भारतीय रेलवे ने एयरपोर्ट पर ही हेल्प डेस्क लगाया है. इसमें जिन छात्रों को अपने घर जाने के लिए रिजर्वेशन चाहिए, वह यहां से ले सकते हैं. यहां रिजर्वेशन कराने पर किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा.
यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर रोमानिया के बुखारेस्ट से इंडिगो की फ्लाइट दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची. केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने भारत लौटे लोगों का स्वागत किया. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि यह सारे बच्चे रोमानिया के बुखारेस्ट से आए हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया वहां से निकासी के कार्य को देख रहे हैं. हम चाहते हैं कि हर भारतीय घर वापस आए और परिवारों से मिले. ऑपरेशन गंगा के एक जटिल कार्य लेकिन इसका नतीजा अच्छा है.
केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने दिल्ली हवाई अड्डे पर भारतीय नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि खारकव और कीव से छात्रों को सुरक्षित निकाला जा रहा है और रोज 15 हवाई जहाज चलाए जा रहे हैं. यूक्रेन में हम भारतीय नागरिकों के लिए सारी व्यवस्था कर रहे हैं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि आज हंगरी, रोमानिया, स्लोवाकिया और पोलैंड से 9 उड़ानें भरी हैं, जिसमें भारतीय वायु सेना का भी जहाज शामिल है. इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत के 6 हवाई जहाजों की जल्द उड़ान भरने की उम्मीद है. हम कुल मिलाकर 3,000 से अधिक भारतीय नागरिकों को वापस ला रहे हैं.
भारत में स्थित रूसी दूतावस ने ट्वीट कर जानकारी दी, मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय छात्रों को यूक्रेनी सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें ह्यूमन शील्ड के रूप में इस्तेमाल करने और रूस पहुंचने से रोकने के लिए बंधक बनाया गया. इसकी ज़िम्मेदारी पूरी तरह से कीव अधिकारियों की है.’
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उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की. दोनों वैश्विक नेताओं ने यूक्रेन की स्थिति की समीक्षा की. खासकर खारकीव पर चर्चा की गई, जहां कई भारतीय छात्र फंसे हैं. उन्होंने संघर्ष क्षेत्रों से भारतीयों की सुरक्षित निकासी पर चर्चा की.
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