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अवैध कब्जे को मिल रही है लोगों की चुनौती, पीओके से हटे पाकिस्तान

Updated at : 15 Sep 2019 2:02 AM (IST)
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अवैध कब्जे को मिल रही है लोगों की चुनौती, पीओके से हटे पाकिस्तान

भा रत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 और 35ए के समाप्त किये जाने और राज्य के विभाजन के फैसले के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. भारत के इस फैसले के बाद न सिर्फ उसने भारत के साथ राजनयिक संबंधों को सीमित करने बल्कि द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगाने […]

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भा रत सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 और 35ए के समाप्त किये जाने और राज्य के विभाजन के फैसले के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. भारत के इस फैसले के बाद न सिर्फ उसने भारत के साथ राजनयिक संबंधों को सीमित करने बल्कि द्विपक्षीय व्यापार पर रोक लगाने जैसे कदम भी उठाये. उसने हर संभव प्रयास किया कि इस मसले पर इस्लामिक देश उसका साथ दें. इतना ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी आपत्तियों के साथ वह कश्मीर को बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है.

क्या है पीओके
स्वतंत्रता के बाद पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर, जो उस समय एक स्वतंत्र रियासत थी, पर आक्रमण कर दिया था. इसके बाद वहां के राजा हरि सिंह ने भारत सरकार से मदद मांगी थी. हरि सिंह को सैन्य मदद के बदले भारत ने कश्मीर को भारत का हिस्सा बना दिये जाने की शर्त रखी थी. इसके बाद भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में कबीलाइयों के भेष में घुसे पाक सैनिकों को बाहर निकालने के अभियान में जुटी गयी.
भारतीय सेना और कबीलाइयों के बीच अभी युद्ध चल ही रहा था कि भारत सरकार इस मामले को संयुक्त राष्ट्र में ले गयी. मामले को जानने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने भारत-पाक को यथास्थिति बनाये रखने के लिए कहा. कश्मीर के जिन इलाके को भारतीय सेना ने घुसपैठियों से खाली कराया था, वह भारत में रहा. इस प्रकार जम्मू-कश्मीर का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे में चला गया.
प्रशासनिक तौर पर दो भागों में बंटा है पीओके
जम्मू-कश्मीर के हिस्से पर कब्जे के बाद पाकिस्तान ने प्रशासनिक रूप से उसे दो भागों में बांट दिया. इसके एक हिस्से को पाकिस्तान, आजाद कश्मीर कहता है, जबकि इसका दूसरा हिस्सा गिलगित-बाल्टिस्तान है.
पीओके की सीमा पश्चिम में पाकिस्तानी पंजाब व उत्तर पश्चिमी सीमांत प्रांत, उत्तर पश्चिम में अफगानिस्तान के वाखान गलियारे, उत्तर में चीन के झिंजियांग क्षेत्र और पूर्व में भारत स्थित मूल जम्मू-कश्मीर से लगती है. गिलगित-बाल्टिस्तान को हटा देने के बाद पाक अधिकृत कश्मीर का क्षेत्रफल 13,300 वर्ग किलोमीटर है और आबादी 44 लाख है. इसकी राजधानी मुजफ्फराबाद है.
पीओके के इस हिस्से में 8 जिले, 19 तहसील और 182 संघीय काउंसिल हैं. जबकि गिलगित-बाल्टिस्तान का कुल क्षेत्रफल 64,817 वर्ग किलोमीटर है. इसकी राजधानी गिलगित है. स्कार्दू, घीजर और हुंजा नगर इसके बाकी अहम हिस्से हैं. पीओके के दोनों क्षेत्र का संसद में प्रतिनिधत्व नहीं है. पाक अधिकृत कश्मीर में कुल 10 जिले हैं- मीरपुर, भिंबर, कोटली, मुजफ्फराबाद, बाग, नीलम वैली, पूंछ, हत्तियन, हवेली और सुधनती.
कश्मीर की मौजूदा स्थिति
स्वतंत्रता से पहले कश्मीर रियासत में जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित और बाल्टिस्तान के इलाके शामिल थे.
जिसका कुल क्षेत्रफल 2,22,236 वर्ग किलोमीटर था.
वर्ष 1947 में जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के हमले के बाद फिलहाल भारत के पास कश्मीर का 1,01,437 वर्ग किलोमीटर हिस्सा ही बचा है. जबकि पाकिस्तान के कब्जे में इसका 78,114 वर्ग किलोमीटर हिस्सा है.
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