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तस्करी कर राजस्थान से लाये गये 16 ऊंट जब्त, बंगाल भेजने की जुगत में लगे थे तस्कर

Updated at : 26 Aug 2020 7:22 AM (IST)
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तस्करी कर राजस्थान से लाये गये 16 ऊंट जब्त, बंगाल भेजने की जुगत में लगे थे तस्कर

किशनगंज : जिले के पोठिया प्रखंड के पहाड़कट्टा पुलिस ने तस्करी कर ले जा रहे डेढ़ दर्जन ऊंट को जब्त कर लिया है. वही तस्कर पर थाना में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जप्त सभी उंट को किशनगंज गौशाला संचालक को सौंप दिया गया. जहां एनजीओ की निगरानी में सभी उंटों की देखरेख की जाएगी.

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किशनगंज : जिले के पोठिया प्रखंड के पहाड़कट्टा पुलिस ने तस्करी कर ले जा रहे डेढ़ दर्जन ऊंट को जब्त कर लिया है. वही तस्कर पर थाना में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जप्त सभी उंट को किशनगंज गौशाला संचालक को सौंप दिया गया. जहां एनजीओ की निगरानी में सभी उंटों की देखरेख की जाएगी.

ऊंट को बंगाल भेजने की जुगत में लगे थे तस्कर

बताया जा रहा है कि बेलुवा-पोठिया पथ के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत बलदियाहाट-सरकारी बस्ती के समीप बीती रात्रि को गश्त के दौरान पुलिस के जवानों ने बांस झाड़ में उंट को देख भौचक रह गये. तहकीकात करने पर पता चला की तस्कर देर रात को चोरी छिपे ऊंट को बंगाल भेजने की जुगत में लगे थे. लेकिन पुलिस को आता देख तस्कर अंधेरा का फायदा उठाकर फरार हो गया. पहाड़कट्टा पुलिस ने 16 उंट को जप्त कर लिया. सूत्रों की माने तो उंट को तस्करी कर राजस्थान से लाये गए है और तस्कर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कराने के फिराक में थे. वही इस गौरखधंधे में बंगाल-बिहार और उत्तर प्रदेश के कई तस्कर शामिल है. पहरकट्टा थाना अध्यक्ष ने घटना से 16उंट को जप्त कर लिया और कांड संख्या 72/2020 दर्ज करते हुए सभी ऊंट को किशनगंज गौशाला लाए गए है.

राजस्थान से बाहर ले जाना भी अपराध

राजस्थान सरकार ने रेगिस्तानी जहाज कहे जाने वाले ऊंट को राजकीय पशु घोषित किया है. राजस्थान के कानून के अनुसार ऊंटों को अस्थायी रूप से भी राजस्थान राज्य की सीमा से बाहर ले जाने पर प्रतिबंध है. इसके बावजूद राजस्थान से तस्करी कर ऊंटों को देश के विभिन्न राज्यों व पड़ोसी देश बांग्लादेश तक भेजा जा रहा है. सामाजिक कार्यकर्ता देवदास को बताया कि पूरे देश में ऊंट सिर्फ राजस्थान में पाए जाते हैं. राजस्थान केमल एक्ट 2015 के तहत ऊंट को अस्थायी तौर पर भी राज्य से बाहर ले जाना प्रतिबंधित है. कोई यदि ऐसा करता है तो वह कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएगा. केमल एक्ट सिर्फ राजस्थान राज्य में है. इस कारण, अन्य सभी राज्यों में यही एक्ट लागू होता है.

सीमावर्ती गांवों में एसएसबी ने बढ़ायी गश्ती

दिघलबैंक . भारत नेपाल सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी सीमावर्ती क्षेत्र के अलावे सीमा से सटे गांवों में भी इन दिनों पेट्रोलिंग कर रहा है. खासकर सील सीमा पर किसी तरह का अवैध घुसपैठ या फिर किसी तीसरे देश के लोग घुसपैठ ना कर सके. वहीं मुहर्रम, गणेश पूजा, दुर्गा पूजा सहित आगमी होने वाले विधानसभा चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो इसको लेकर भी एसएसबी जवान सीमावर्ती क्षेत्र के गांवों में भी लगातार पेट्रोलिंग बढ़ा दिया हैं. मामले की जानकारी देते हुए एसएसबी 12 वीं वाहिनी की सी कंपनी मोहामारी के प्रभारी विकास चंद्र विश्वास ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी सहित अवैध घुसपैठ को लेकर के भी जवानों ने गश्ती तेज कर दिया हैं साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. और सील सीमा केआर में कोई अन्य देश के लोग इस सीमा का फायदा उठाकर घुसपैठ ना कर सके इसको लेकर भी एसएसबी पूरी तरह से मुस्तैद हैं. सीमा पर किसी प्रकार के घुसपैठ से निपटने के लिए एसएसबी जवान तैयार हैं.

posted by ashish jha

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