Meta ने स्टाफ को कह दिया साफ-साफ- कंपनी की पॉलिसी से नाखुश हों, तो छोड़ दें जॉब

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Meta ने स्टाफ को कह दिया साफ-साफ- कंपनी की पॉलिसी से नाखुश हों, तो छोड़ दें जॉब

Meta CTO Andrew Bosworth / X

Meta के CTO एंड्रयू बॉसवर्थ ने कर्मचारियों से कहा है कि यदि वे कंपनी की नीतियों से सहमत नहीं हैं तो उन्हें कंपनी छोड़ देनी चाहिए. यह बयान तब आया जब कर्मचारियों ने मेटा के हालिया बदलावों पर आलोचना की थी.

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Meta के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) एंड्रयू बोसवर्थ ने कंपनी की नीतियों से असंतुष्ट कर्मचारियों को दो टूक संदेश दिया है – या तो पूरी तरह काम पर ध्यान दें या फिर इस्तीफा दे दें. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, बोसवर्थ ने 30 जनवरी को मेटा के इंटरनल वर्कप्लेस फोरम में यह बयान दिया. यह प्रतिक्रिया तब आई जब कर्मचारियों ने नीति परिवर्तनों, आंतरिक पारदर्शिता और कार्यस्थल चर्चाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर चिंता जाहिर की. यह बहस तब और तेज हो गई जब एक ऑल-हैंड्स मीटिंग में सीईओ मार्क जुकरबर्ग की टिप्पणियों का लीक हो गया. बोसवर्थ ने मेटा के फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि आंतरिक चर्चाओं का लीक होना साबित करता है कि कंपनी द्वारा Q&A सत्रों के नियम बदलने का निर्णय सही था.

एंड्रयू बोसवर्थ के कड़े बोल

Meta के एक कर्मचारी समूह “लेट्स फिक्स मेटा” में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी एंड्रयू बॉसवर्थ की टिप्पणी सामने आई है. उन्होंने The Verge के एक लेख को साझा करते हुए मार्क जुकरबर्ग की हालिया टिप्पणियों पर लीक को लेकर निराशा जताई. उन्होंने माना कि कर्मचारियों में हालिया बदलावों को लेकर असंतोष है, लेकिन जोर दिया कि ये परिवर्तन जरूरी थे.

एक कर्मचारी ने Meta पर विविधता, समानता और समावेशन (DEI) कार्यक्रमों में कटौती, आंतरिक अभिव्यक्ति पर प्रतिबंध और LGBTQ समुदाय को प्रभावित करने वाली नीतियों को लागू करने का आरोप लगाया. इस पर बॉसवर्थ ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि जो लोग आंतरिक मतभेदों को लीक करने का कारण मानते हैं, उन्हें “कहीं और काम करने पर विचार करना चाहिए.”

Meta के कर्मचारियों पर मंडरा रहे संकट के बादल

मेटा के हालिया फैसलों, जिनमें “कम प्रदर्शन करने वाले” कर्मचारियों को निकालना और कंटेंट मॉडरेशन नीतियों में बदलाव शामिल है, को लेकर आंतरिक विरोध बढ़ रहा है. कुछ कर्मचारियों ने कंपनी पर ट्रांसफोबिक और होमोफोबिक कंटेंट पर चर्चा दबाने का आरोप लगाया है, इसे “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है.

इस बीच, कंपनी में छंटनी का एक और दौर शुरू हो चुका है, जिसमें 3,500 से अधिक कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं. Meta अब “कमज़ोर प्रदर्शन” करने वाले कर्मचारियों को हटाकर AI से जुड़े नए टैलेंट को भर्ती करने पर जोर दे रही है. मार्क जुकरबर्ग ने इन छंटनियों को कंपनी के दीर्घकालिक विकास के लिए जरूरी बताया है और कहा है कि AI टैलेंट को प्राथमिकता देना आवश्यक है.

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अंकित आनंद

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By अंकित आनंद

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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