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Meta ने स्टाफ को कह दिया साफ-साफ- कंपनी की पॉलिसी से नाखुश हों, तो छोड़ दें जॉब

Updated at : 19 Feb 2025 4:04 PM (IST)
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Meta ने स्टाफ को कह दिया साफ-साफ- कंपनी की पॉलिसी से नाखुश हों, तो छोड़ दें जॉब

Meta CTO Andrew Bosworth / X

Meta के CTO एंड्रयू बॉसवर्थ ने कर्मचारियों से कहा है कि यदि वे कंपनी की नीतियों से सहमत नहीं हैं तो उन्हें कंपनी छोड़ देनी चाहिए. यह बयान तब आया जब कर्मचारियों ने मेटा के हालिया बदलावों पर आलोचना की थी.

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Meta के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) एंड्रयू बोसवर्थ ने कंपनी की नीतियों से असंतुष्ट कर्मचारियों को दो टूक संदेश दिया है – या तो पूरी तरह काम पर ध्यान दें या फिर इस्तीफा दे दें. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, बोसवर्थ ने 30 जनवरी को मेटा के इंटरनल वर्कप्लेस फोरम में यह बयान दिया. यह प्रतिक्रिया तब आई जब कर्मचारियों ने नीति परिवर्तनों, आंतरिक पारदर्शिता और कार्यस्थल चर्चाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर चिंता जाहिर की. यह बहस तब और तेज हो गई जब एक ऑल-हैंड्स मीटिंग में सीईओ मार्क जुकरबर्ग की टिप्पणियों का लीक हो गया. बोसवर्थ ने मेटा के फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि आंतरिक चर्चाओं का लीक होना साबित करता है कि कंपनी द्वारा Q&A सत्रों के नियम बदलने का निर्णय सही था.

एंड्रयू बोसवर्थ के कड़े बोल

Meta के एक कर्मचारी समूह “लेट्स फिक्स मेटा” में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी एंड्रयू बॉसवर्थ की टिप्पणी सामने आई है. उन्होंने The Verge के एक लेख को साझा करते हुए मार्क जुकरबर्ग की हालिया टिप्पणियों पर लीक को लेकर निराशा जताई. उन्होंने माना कि कर्मचारियों में हालिया बदलावों को लेकर असंतोष है, लेकिन जोर दिया कि ये परिवर्तन जरूरी थे.

एक कर्मचारी ने Meta पर विविधता, समानता और समावेशन (DEI) कार्यक्रमों में कटौती, आंतरिक अभिव्यक्ति पर प्रतिबंध और LGBTQ समुदाय को प्रभावित करने वाली नीतियों को लागू करने का आरोप लगाया. इस पर बॉसवर्थ ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि जो लोग आंतरिक मतभेदों को लीक करने का कारण मानते हैं, उन्हें “कहीं और काम करने पर विचार करना चाहिए.”

Meta के कर्मचारियों पर मंडरा रहे संकट के बादल

मेटा के हालिया फैसलों, जिनमें “कम प्रदर्शन करने वाले” कर्मचारियों को निकालना और कंटेंट मॉडरेशन नीतियों में बदलाव शामिल है, को लेकर आंतरिक विरोध बढ़ रहा है. कुछ कर्मचारियों ने कंपनी पर ट्रांसफोबिक और होमोफोबिक कंटेंट पर चर्चा दबाने का आरोप लगाया है, इसे “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है.

इस बीच, कंपनी में छंटनी का एक और दौर शुरू हो चुका है, जिसमें 3,500 से अधिक कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं. Meta अब “कमज़ोर प्रदर्शन” करने वाले कर्मचारियों को हटाकर AI से जुड़े नए टैलेंट को भर्ती करने पर जोर दे रही है. मार्क जुकरबर्ग ने इन छंटनियों को कंपनी के दीर्घकालिक विकास के लिए जरूरी बताया है और कहा है कि AI टैलेंट को प्राथमिकता देना आवश्यक है.

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Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.

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