नौकरी के साथ रिसर्च पर भी दें ध्यान : डॉ बंद्योपाध्याय
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :19 Feb 2017 9:39 AM
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जलपाईगुड़ी. इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा को किसी सीमा में बांधना उचित नहीं है. उच्च शिक्षा केवल नौकरी के लिए नहीं है. उच्च शिक्षा ग्रहण करनेवालों को देशहित में सीवी रमन, जगदीशचंद्र्र बोस और सत्येंद्रनाथ बोस की तरह खुद को एडवांस रिसर्च में लगाना होगा. जलपाईगुड़ी गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के एलुमनी एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘अप्लाइड और […]
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जलपाईगुड़ी. इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा को किसी सीमा में बांधना उचित नहीं है. उच्च शिक्षा केवल नौकरी के लिए नहीं है. उच्च शिक्षा ग्रहण करनेवालों को देशहित में सीवी रमन, जगदीशचंद्र्र बोस और सत्येंद्रनाथ बोस की तरह खुद को एडवांस रिसर्च में लगाना होगा. जलपाईगुड़ी गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज के एलुमनी एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘अप्लाइड और इंजीनियरिंग शिक्षा के बीच सेतुबंधन’ विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार शनिवार को शुरू हुआ. सेमिनार में आये अमेरिका के न्यूपोर्ट के नेवेल अंडर-सी वारफेयर सेंटर के सीनियर रिसर्च साइंटिफिक एंड टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर डॉ प्रमोद रंजन वंद्योपाध्याय ने उपरोक्त बातें कहीं.
डॉ वंद्योपाध्याय ने कहा कि भारत में पूरी शिक्षा रटंत पद्धति पर टिकी हुई है. छात्र-छात्राओं को प्राइवेट कोचिंग पढ़ना पड़ता है. इस दायरे से बाहर आने की जरूरत है. नौकरी के लिए परीक्षा देने के साथ देशहित में रिसर्च के काम में जाने की सोचना चाहिए. उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद भारत में आयुर्वेद, प्राणी विज्ञान, खगोलशास्त्र में अच्छा रिसर्च हो रहा है. सीवी रमन का युग बीत जाने के बावजूद एडवांस रिसर्च में भारत से भी नोबेल मिलने की संभावना है. विदेश में रिसर्च का काफी काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि आनेवाले 10-15 सालों में भारत में इंजीनियरिंग से जुड़े एडवांस रिसर्च और नौकरी की काफी संभावना बन रही है.
डॉ वंद्योपाध्याय ने चिंता जताते हुए कहा कि पूरी दुनिया में प्रदूषण बढ़ रहा है. समुद्र में प्लास्टिक और तेल जैसे प्रदूषक तत्व मिल रहे हैं. इसका समुद्र की इकोलॉजी पर गहरा असर पड़ रहा है. हाल ही में न्यूजीलैंड में व्हेल मछलियों के मारे जाने की घटना का कारण भी समुद्र में बढ़ता प्रदूषण है. छात्र-छात्राओं को प्रदूषण खत्म करने के उपायों पर सोचना होगा.
इस सेमिनार में शामिल होने देश के विभिन्न हिस्सों से वैज्ञानिक, कई कॉलेजों के अध्यापक, जलपाईगुड़ी गवर्नमेंट कॉलेज के पूर्व छात्र आये हुए हैं. यह जानकारी कॉलेज के अध्यक्ष सौपायन मित्र और एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष पार्थ मौलिक ने दी.
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