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अपराध छोड़ मुख्यधारा में शामिल हुए अपराधी, क्राइम कंट्रोल करने में कारगर सबित हुआ टोटो

Updated at : 16 Oct 2018 2:50 AM (IST)
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अपराध छोड़ मुख्यधारा में शामिल हुए अपराधी, क्राइम कंट्रोल करने में कारगर सबित हुआ टोटो

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी शहर में टोटो (ई-रिक्सा) की संख्या काफी बढ़ जाने से जाम की समस्या भयावह हो चली है. जहां एक तरफ टोटो शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. वहीं टोटो नागरिकों की सुरक्षा में काफी अहम साबित हो रहा है. टोटो की वजह से शहर में क्राइम काफी कम […]

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सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी शहर में टोटो (ई-रिक्सा) की संख्या काफी बढ़ जाने से जाम की समस्या भयावह हो चली है. जहां एक तरफ टोटो शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है. वहीं टोटो नागरिकों की सुरक्षा में काफी अहम साबित हो रहा है. टोटो की वजह से शहर में क्राइम काफी कम होने का दावा दार्जिलिंग जिला प्रशासन कर रही है.
पुलिस के एक सर्वे में यह बात साबित हुआ है कि चोरी-छिनताई करने वाले काफी लोग अब टोटो चला रहे हैं. टोटो जाम की समस्या का मुख्य कारक होने के साथ शहर में क्राइम कम करने का समाधान साबित हुआ है.
टोटो पर्यावरण अनुकुल वाहन है. नियमानुसार टोटो संचालित होने पर शहर में रिक्सा व ऑटो का अस्तित्व खतरे में पड़ जायेगा. यात्रियों के लिए भी टोटो सुगम वाहन बन गया है. हांलाकि टोटो की संख्या लगातार बढ़ने से शहर में जाम की समस्या गहराने की बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. प्रशासन के एक अनुमान के अनुसार सिलीगुड़ी की सड़को पर आठ हजार से अधिक टोटो दौड़ रही है.
ट्राफिक नियम का उल्लंघन करने के खिलाफ पुलिस कार्यवायी को लेकर आये दिन टोटो व सिटी ऑटो चालकों के बीच झरप होती रहती है. इन सभी समस्याओं से परे टोटो की संख्या बढ़ने का एक सकारात्मक पक्ष भी है. टोटो की वजह से शहर में होने वाली वारदातों में कमी आयी है. यहां बता दे कि प्रत्येक पुलिस थाना व पुलिस चौकी में मासिक व वार्षिक क्राइम चार्ट होता है. प्रति महीने होने वाली क्राइम व विशेषता के साथ उल्लेखित किया जाता है.
पुलिस प्रशासन द्वारा किये गये एक सर्वे के मुताबिक शहर व आस-पास के इलाकों में होने वाली चोरी, छिनताई, मारपीट आदि घटनाओं व मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले वाहकों की संख्या में काफी कमी आयी है. पुलिस के अनुसार बेरोजगार व्यक्ति ही इस तरह के क्राइम में लिप्त होते हैं. ऐसे बेरोजगारों के लिए टोटो रोजगार का नया माध्यम है. क्राइम से जुड़े काफी लोग फिलहाल टोटो चलाकर अपना व अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं.
टोटो के लिए जल्द होगा रूट निर्धारण : टोटो पर नियंत्रण की बात पर दार्जिलिंग जिला शासक जयश्री दासगुप्ता ने बताया कि सिलीगुड़ी में तीन हजार से अधिक टोटो को टेम्प्रोरी आइडेंटीफिकेशन नंबर (टीआईएन) वितरित किया जा चुका है. सर्वोच्च न्यायलय के निर्देश की अवहेलना कर राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य मार्ग पर टोटो बेलगाम दौड़ती है.
इस पर नियंत्रण के लिए प्रशासन के पास सक्षम मानव संसाधन नहीं है. हांलाकि पर इस पर नियंत्रण का निर्णय लिया गया है. टोटो को शहर व आस-पास के इलाकों में पॉकेट व राष्ट्रीय राजमार्ग तथा राज्य मार्ग को जोड़ने वाली सड़कों पर चलने के लिए रूट निर्धारण किया जायेगा.
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