हावड़ा हिंदी हाई स्कूल में बवाल

Updated at :13 Jun 2017 9:14 AM
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हावड़ा हिंदी हाई स्कूल में बवाल

हावड़ा. उत्तर हावड़ा के रामलाल मुखर्जी लेन स्थित हावड़ा हिंदी हाइ स्कूल में मार्निंग शिफ्ट को जबरन बंद कराने का मामला प्रकाश में आया है. आरोप वार्ड नंबर 15 के पार्षद अनूप चक्रवर्ती पर लगा है. हालांकि पार्षद ने इन आरोपों से इनकार किया है. स्कूल की शिक्षिका सुजाता पांडेय ने आरोप लगाया कि सोमवार […]

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हावड़ा. उत्तर हावड़ा के रामलाल मुखर्जी लेन स्थित हावड़ा हिंदी हाइ स्कूल में मार्निंग शिफ्ट को जबरन बंद कराने का मामला प्रकाश में आया है. आरोप वार्ड नंबर 15 के पार्षद अनूप चक्रवर्ती पर लगा है. हालांकि पार्षद ने इन आरोपों से इनकार किया है. स्कूल की शिक्षिका सुजाता पांडेय ने आरोप लगाया कि सोमवार सुबह पार्षद अपने लोगों के साथ स्कूल पहुंचे व छात्र-छात्राओं को साथ लेकर टोटो में चले गये. स्कूल की शिक्षिका सुजाता पांडेय ने गोलाबाड़ी थाने में पार्षद के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
क्या है घटना : सुजाता पांडेय के अनुसार मार्निंग विभाग के लिए वर्ष 2015 में ही पश्‍चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा पर्षद से अनुमोदन मिल चुका है. साथ ही हावड़ा जिला शिक्षा विभाग की ओर से भी मंजूरी मिली हुई है. यहां बच्चों की संख्या 215 के आसपास है. सुजाता ने बताया कि सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे के करीब स्थानीय पार्षद अनूप चक्रवर्ती दो कांस्टेबल को लेकर स्कूल पहुंचे.

कांस्टेबल ने सुजाता से कहा कि उन्हें गोलाबाड़ी थाना जाना होगा. आरोप है कि थाना पहुंचने पर पार्षद टोटो में 43 बच्चों को बैठाकर कहीं निकल गये. दोपहर तक बच्चों का कुछ भी पता ही नहीं चला. सुजाता ने कहा कि अभिभावकों को जवाब देते-देते वह परेशान हो गयीं. सुजाता ने कहा कि उन्हें बाद में पता चला कि बच्चों को किसी विद्यालय में जबरन भरती कराया गया है.

क्या कहते हैं पार्षद : पार्षद अनूप चक्रवर्ती का कहना है कि मार्निंग सेक्शन में चलनेवाली कक्षाओं के लिए बतौर 1500 रुपये की फीस ली जाती है. एक हिंदी माध्यम के स्कूल में व्यापार के नाम पर अंग्रेजी विभाग खोला गया था. इस स्कूल के मैनेजमेंट पर 2015 से केस चल रहा था. तीन माह पहले केस जीत लिया गया. बतौर स्कूल कमेटी के प्रमुख मैंने बच्चों के अभिभावकों से पहले बैठक की और उनकी अनुमति के बाद ही बच्चों को विक्रम विद्यालय मेन में दाखिला दिलाया गया है. जिस वक्त यह घटना घटी, उस वक्त मैं हावड़ा कोर्ट में था. जो कुछ हो रहा है, वह सब अभिभावकों की रजामंदी से हो रहा है.
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