नागरिकता पर संग्राम: CAB को लेकर अब बंगाल में भी बवाल, रेलवे स्टेशन को प्रदर्शनकारियों ने फूंका

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Dec 2019 8:14 AM

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कोलकाता/हावड़ा: नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) के पास होने के बाद से उत्तर-पूर्व के राज्यों में बेहद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. उत्तर-पूर्व की आग अब पश्चिम बंगाल भी पहुंच गयी है. शुक्रवार को राज्य के मुर्शिदाबाद जिले स्थित बेलडांगा रेलवे स्टेशन परिसर में नागरिकता कानून में बदलाव का विरोध कर रहे लोगों ने आग लगा […]

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कोलकाता/हावड़ा: नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) के पास होने के बाद से उत्तर-पूर्व के राज्यों में बेहद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. उत्तर-पूर्व की आग अब पश्चिम बंगाल भी पहुंच गयी है. शुक्रवार को राज्य के मुर्शिदाबाद जिले स्थित बेलडांगा रेलवे स्टेशन परिसर में नागरिकता कानून में बदलाव का विरोध कर रहे लोगों ने आग लगा दी, जबकि हावड़ा जिले के उलबेड़िया में ट्रेन की पटरियों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. ट्रेनों पर पत्थरबाजी की गयी, जिससे ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं. दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने महानगर के पार्क सर्कस इलाके में भी प्रदर्शन किया. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कैब को बंगाल में लागू नहीं होने देने की घोषणा की है.

कैब के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने शुक्रवार को उलबेड़िया रेलवे स्टेशन पर पटरी को अवरुद्ध करते हुए परिसर और कुछ ट्रेनों में तोड़फोड़ की. दक्षिण-पूर्व रेलवे के प्रवक्ता संजय घोष ने बताया कि दोपहर तीन बजकर 22 मिनट पर पटरी को जाम कर दिया गया, जिससे अप और डाउन दोनों मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई.

मुर्शिदाबाद में रेलवे स्टेशन को प्रदर्शनकारियों ने फूंका

बेलडांगा: मुर्शिदाबाद जिले में संशोधित नागरिकता विधेयक का विरोध कर रहे हजारों प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को बेलडांगा स्टेशन में आग लगा दी और वहां तैनात आरपीएफ कर्मियों के साथ मारपीट की. ट्रेन की बोगी को भी फूंक िदया. जिले में कई अल्पसंख्यक संगठनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था. एक वरिष्ठ आरपीएफ अधिकारी ने कहा : प्रदर्शनकारी अचानक स्टेशन परिसर में आ घुसे व उन्होंने प्लेटफार्म, दो तीन मंजिले भवनों व कार्यालयों में आग लगा दी. जब आरपीएफ कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तब उन्हें बुरी तरह से पीटा गया. ट्रेन सेवाएं थम गयीं. मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद बांग्लादेश से सटा जिला है.

प्रदर्शनों के चलते सियालदह मंडल में रेल यातायात प्रभावित

कोलकाता : पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल में कई स्थानों पर संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में रेलवे ट्रैक बाधित किये जाने से ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं और हजारों लोग जहां-तहां फंस गये. अधिकारियों के अनुसार कृष्णानगर-लालगोला खंड पर बेलडांगा और रेजीनगर स्टेशनों पर प्रदर्शनकारियों ने अपराह्न करीब तीन बजकर 20 मिनट पर और मुर्शिदाबाद के पास करीब साढ़े चार बजे रेल मार्ग बाधित किया. उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले में बेलडांगा रेलवे स्टेशन परिसर में आग लगा दी गयी और आरपीएफ कर्मियों के साथ मारपीट की गयी. अधिकारियों ने कहा कि हालांकि सियालदह और कृष्णानगर के बीच ट्रेन सेवाएं चलती रहीं. बरुईपुर-डायमंड हार्बर खंड पर बासुलडांगा में अपराह्न करीब दो बजकर 55 मिनट पर रेल मार्ग को बाधित किया गया, जिससे इस खंड पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई.

एनआरसी व सीएबी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी

दार्जिलिंग: नागरिक संशोधन बिल के विरोध में दार्जिलिंग पहाड़ में धीरे धीरे लोग लामबंद हो रहे हैं. 15 दिसम्बर को आल डेवलपमेंट बोर्ड ने सीएबी और एनआरसी के विरोध में दार्जिलिंग में विरोध रैली निकालने का घोषणा की है.बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एनआरसी और सीएबी दोनों का जोरदार से विरोध कर रही हैं और उनकी आवाज को और मजबूद बनाने के लिये बोर्ड ने विरोध रैली निकालने का निर्णय किया है. रेलवे स्टेशन से शुरू हो कर विरोध रैली शहर के लाडेनला रोड,नेहरू रोड होकर चौरस्ता पहुचेगी और वहां पथ सभा होगी. इधर गोजमुमो विनय गुट और दार्जिलिंग जिला हिल तृणमूल कांग्रेस के धरना प्रदर्शन आज भी जारी रहा. दार्जिलिंग जिलाधिकारी कार्यलय के आगे की धरना प्रदर्शन में गोजमुमो विनय गुट और हिल तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की विशेष उपस्थिति रही. इसी क्रम में गोजमुमो विनय गुट ने 19 दिसम्बर को शहर के रेलवे स्टेशन से विरोध रैली निकालकर जिलाधिकारी को ज्ञापन पत्र सौपेंने का कार्यक्रम बनाया है और 20 दिसम्बर को गोजमुमो अध्यक्ष विनय तामांग ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित को पत्रचार करेंगे और 23 दिसम्बर से 27 दिसम्बर तक पहाड में केन्द्र सरकार के सरकारी कार्यलयों के आगे धरना प्रदर्शन होगा. गोजमुमो विनय गुट ने 15 दिसम्बर को सुकना में सभा का आयोजना किया है. सभा में गोजमुमो अध्यक्ष विनय तामांग ने पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व से लेकर भातृ संगठनों की नेतृत्व को अनिर्वाय रूप में उपस्थित रहने का निर्देश जारी किया है.

असम हिंसा : पूर्वोत्तर को जानेवाली बसों के थमे पहिये
सिलीगुड़ी: नागरिकता संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों में पारित हो गया. लेकिन इस बिल का पूर्वोत्तर में भारी विरोध हो रहा है. असम में छात्र संगठन सड़क पर उतर गये हैं. पूर्वोत्तर में लगातार हो रहे हिंसक प्रदर्शन का असर सिलीगुड़ी पर भी पड़ रहा है. रेल एवं बस सेवाओं के साथ यहां से जाने वाली खाद्य सामग्री का कारोबार भी मंद पड़ गया है. वहीं, यात्रियों की कमी के कारण बागडोगरा से असम जानेवाली फ्लाइटें भी रद्द हो गयीं हैं. अरुणाचल प्रदेश, मेघालय समेत अन्य राज्यों में भी विरोध तेज होता जा रहा है. सिलीगुड़ी से पूर्वोत्तर के विभिन्न शहरों को जाने वाली लगभग 20 बसों के पहिये थम गये हैं.

मछली, फल व सब्जी का व्यापार भी प्रभावित : सिलीगुड़ी होलसेल फिश मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव बाप्पी चौधरी ने बताया कि सिलीगुड़ी उत्तर-पूर्व भारत का कॉरिडोर है. उत्तर-पूर्व भारत में अधिकतर खाने-पीने का सामान (खासकर कच्चा माल) सिलीगुड़ी से ही जाता है. सिलीगुड़ी के रेगुलेटेड मार्केट की मछली मंडी से हर रोज आठ से 10 ट्रक मछली का निर्यात होता था. लेकिन वहां जारी हिंसा के कारण व्यापार प्रभावित हुआ है. मछली व्यापारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है. अगर यह स्थिति कुछ दिन और बरकरार रही तो हालात और खराब हो जायेंगे. ट्रकों से फल व सब्जियों की सप्लाई भी बंद हो गयी है.

कारोबार भी ठप
सिलीगुड़ी: नागरिकता संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों में पारित हो गया. लेकिन इस बिल का पूर्वोत्तर में भारी विरोध हो रहा है. असम में छात्र संगठन सड़क पर उतर गये हैं. पूर्वोत्तर में लगातार हो रहे हिंसक प्रदर्शन का असर सिलीगुड़ी पर भी पड़ रहा है. रेल एवं बस सेवाओं के साथ यहां से जाने वाली खाद्य सामग्री का कारोबार भी मंद पड़ गया है. वहीं, यात्रियों की कमी के कारण बागडोगरा से असम जानेवाली फ्लाइटें भी रद्द हो गयीं हैं. अरुणाचल प्रदेश, मेघालय समेत अन्य राज्यों में भी विरोध तेज होता जा रहा है. सिलीगुड़ी से पूर्वोत्तर के विभिन्न शहरों को जाने वाली लगभग 20 बसों के पहिये थम गये हैं.

मछली, फल व सब्जी का व्यापार भी प्रभावित
सिलीगुड़ी होलसेल फिश मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव बाप्पी चौधरी ने बताया कि सिलीगुड़ी उत्तर-पूर्व भारत का कॉरिडोर है. उत्तर-पूर्व भारत में अधिकतर खाने-पीने का सामान (खासकर कच्चा माल) सिलीगुड़ी से ही जाता है. सिलीगुड़ी के रेगुलेटेड मार्केट की मछली मंडी से हर रोज आठ से 10 ट्रक मछली का निर्यात होता था. लेकिन वहां जारी हिंसा के कारण व्यापार प्रभावित हुआ है. मछली व्यापारियों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है. अगर यह स्थिति कुछ दिन और बरकरार रही तो हालात और खराब हो जायेंगे. ट्रकों से फल व सब्जियों की सप्लाई भी बंद हो गयी है.

कई ट्रेनें रद्द, यात्री परेशान
पूर्वोत्तर में हिंसा के मद्देनजर रेलवे ने कोलकाता से सिलीगुड़ी होकर उत्तर-पूर्व जाने वाले कई ट्रोनों को रद्द करने का फैसला लिया है. रेलवे सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सियालदह-अगरतला कंचनजंघा एक्सप्रेस को शुक्रवार सियालदह से रद्द किया गया है. अप सियालदह-सिलचर कंचनजंघा एक्सप्रेस भी शनिवार को रद्द रहेगी. हावड़ा-डिब्रूगढ़ कामरूप एक्सप्रेस को भी 13 एवं 14 दिसंबर को रद्द कर दिया गया है. दिल्ली ब्रह्मपुत्र मेल शुक्रवार एवं शनिवार को रद्द रहेगी. साथ ही उत्तर-पूर्व भारत जानेवाली कई ट्रेनों को रोकने का फैसला रेलवे ने लिया है. इससे एनजेपी स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी है.

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