सीएम आवास पर काली पूजा में शामिल होने का बेसब्री से है इंतजार : राज्यपाल

Updated at : 27 Oct 2019 2:11 AM (IST)
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सीएम आवास पर काली पूजा में शामिल होने का बेसब्री से है इंतजार : राज्यपाल

कोलकाता : विभिन्न मुद्दों को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ वाकयुद्ध में शामिल रहे राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निमंत्रण पर रविवार को उनके आवास पर आयोजित होनेवाली काली पूजा में शामिल होंगे. राज्यपाल ने कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी को मुख्यमंत्री के कालीघाट स्थित […]

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कोलकाता : विभिन्न मुद्दों को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ वाकयुद्ध में शामिल रहे राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शनिवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निमंत्रण पर रविवार को उनके आवास पर आयोजित होनेवाली काली पूजा में शामिल होंगे. राज्यपाल ने कहा कि उन्हें और उनकी पत्नी को मुख्यमंत्री के कालीघाट स्थित आवास पर समारोह में शामिल होने का बेसब्री से इंतजार है.

उन्होंने कहा कि जब वह रविवार को सुश्री बनर्जी से मुलाकात करेंगे, तो उनसे आग्रह करेंगे कि वह उन्हें भी सांप्रदायिक सौहार्द्र फैलाने के अपने प्रयास में शामिल करें, जो वह पिछले 30 वर्षों से भ्रातृ द्वितीया या भाई दूज पर अपने आवास पर कर रही हैं.
धनखड़ ने साम्प्रदायिक सौहार्द्र की तुलना मानव शरीर में पीयूष ग्रंथी से की और कहा कि यदि उसमें कोई गड़बड़ी होती है, तो शरीर में दिक्कतें शुरू हो जाती हैं. राज्यपाल ने उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में एक काली पूजा पंडाल का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि 1978 से मुख्यमंत्री के कालीघाट स्थित आवास पर हर साल पूजा का आयोजन होता आया है और इसके लिये आमंत्रण मिलने से वह बहुत अभिभूत हैं.
उन्होंने कहा : मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि मैं और मेरी पत्नी भाई दूज के अवसर पर उनके घर आना चाहते हैं. उत्तर बंगाल की अपनी यात्रा से लौटकर मुख्यमंत्री ने वापस पत्र लिखा और मुझे और मेरी पत्नी को उनके घर पर होनेवाली काली पूजा में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया. आशा है मुझे किसी और सवाल का जवाब देने की आवश्यकता नहीं है.
राजभवन द्वारा यहां जारी एक बयान में कहा गया कि सुश्री बनर्जी ने 24 अक्तूबर को राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में कहा कि ‘भातृ द्वितीया’ या ‘भाई दूज’ उन अवसरों में से एक है, जब वह शांति और सद्भाव का संदेश फैलाने के लिए अन्य समुदायों से मिलती हैं. यह त्योहार 29 अक्तूबर (मंगलवार) को मनाया जायेगा.
उसमें कहा गया : सांप्रदायिक सद्भाव का मुद्दा राज्यपाल के दिल के बहुत करीब है. देश में, हम सभी को सांप्रदायिक सद्भाव के लिए काम करने की आवश्यकता है. राज्यपाल इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के साथ बातचीत भी करेंगे. महानगर के मध्य में एक काली पूजा पंडाल का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल ने कहा : उन्होंने (मुख्यमंत्री) यह भी लिखा है कि पिछले 30 वर्षों से वह साम्प्रदायिक सौहार्द्र के कार्य में लगी हुई हैं. मैं सुश्री बनर्जी के साम्प्रदायिक सौहार्द्र के कार्यों में शामिल होना चाहता हूं.
मैं रविवार को उनसे उसमें मुझे भी शामिल करने का अनुरोध करूंगा. इस बीच, शुक्रवार को उस समय एक विवाद उत्पन्न हो गया था, जब तृणमूल कांग्रेस के एक नेता व बारासात क्लब के मुख्य संरक्षक ने धनखड़ को आमंत्रित किये जाने के निर्णय को लेकर पद छोड़ दिया. तृणमूल कांग्रेस संचालित बारासात नगर निगम के अध्यक्ष सुनील मुखर्जी ने कहा कि वह क्लब के निर्णय को लेकर नाखुश थे, क्योंकि राज्यपाल का राज्य सरकार के प्रति पूर्वाग्रह है. 30 जुलाई को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में शपथ लेनेवाले धनखड़ का तृणमूल सरकार के साथ कई मुद्दों पर टकराव रहा है.
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