ज्योति बसु शोध केंद्र पर ममता से मिला माकपा प्रतिनिधिमंडल

Updated at : 29 Jun 2019 1:38 AM (IST)
विज्ञापन
ज्योति बसु शोध केंद्र पर ममता से मिला माकपा प्रतिनिधिमंडल

माकपा ने किया है जमीन के लिए भुगतान हिडको से नहीं मिल रही जमीन पर कब्जा की अनुमति कोलकाता : ज्योति बसु सेंटर फॉर स्टडीज एंड रिसर्च सेंटर के लिए मिली जमीन का मालिकाना हासिल करने के मुद्दे पर माकपा का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात किया. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जो जमीन […]

विज्ञापन

माकपा ने किया है जमीन के लिए भुगतान

हिडको से नहीं मिल रही जमीन पर कब्जा की अनुमति
कोलकाता : ज्योति बसु सेंटर फॉर स्टडीज एंड रिसर्च सेंटर के लिए मिली जमीन का मालिकाना हासिल करने के मुद्दे पर माकपा का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात किया. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जो जमीन आवंटित हुई है, उसका मालिकाना हक दिलाया जाये. प्रतिनिधि मंडल में सुजन चक्रवर्ती, रबीन देव व अशोक भट्टाचार्य शामिल थे.
माकपा ने मुख्यमंत्री को बताया कि न्यूटाउन में ज्योति बसु के नाम पर जमीन एलॉट हुई है. पार्टी की ओर से उसका भुगतान भी कर दिया गया है, लेकिन हिडको अब तक उस जमीन पर कब्जा की अनुमति नहीं दे रहा.
रबीन देव ने बताया कि मुख्यमंत्री उनकी बात सुन कर बोलीं कि हिडको माकपा को जो जमीन देने वाली थी, उसमें कुछ तकनीकी दिक्कत है. लिहाजा उक्त दिक्कत को दूर करने या वैकल्पिक जमीन देने की दिशा मेें विचार चल रहा है.
माकपा के अनुसार 2011 में न्यूटाउन में हिडको ने माकपा को जमीन आवंटित की थी. 19 मई 2011 में माकपा ने पांच एकड़ जमीन का मूल्य भी चुका दिया, लेकिन अभी तक पोजीशन नहीं मिला है.
उल्लेखनीय है कि माकपा न्यू टाउन का नाम ज्योति बसु नगर करना चाहती थी. इस बाबत न्यू टाउन में हिडको भवन के बाहर ज्योति बसु नगर लिखा एक शीलापट्ट भी लगाया गया था, लेकिन कुछ दिन बाद उसे हटा दिया गया. वाममोर्चा सरकार की कैबिनेट ने ज्योति बसु नगर का नाम करने के लिए फैसला भी ले लिया था. बिल विधानसभा में पास करा कर राज्यपाल के पास भेजा गया था. इस बीच वाममोर्चा सरकार ने ज्योति बसु नगर को लेकर एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया था. उक्त कार्यक्रम में खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य भी मौजूद थे. इसी बीच सरकार बदल गयी और राज्यपाल एमके नारायणन ने बिल की समीक्षा करने के लिए वापस राज्य सरकार के पास भेजा. ममता बनर्जी ने उक्त बिल से ज्योति बसु नगर का नाम हटा दिया. अभी जहां इको पार्क है वहां पर एक छोटा सा द्वीप भी है.
तत्कालीन आवासन मंत्री गौतम देव उक्त द्वीप पर ज्योति बसु की एक मूर्ति भी लगाना चाहते थे, लेकिन सरकार बदल जाने के कारण ऐसा नहीं हो पाया. फिलहाल माकपा जो शोधालय बनाना चाहती है. वहां पर शोधार्थी ज्योति बसु पर शोध कर सकते हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola