पश्चिम बंगाल असंवेदनशील सरकार, चायवाले से ''दीदी'' को इतनी चिढ़ क्‍यों : प्रधानमंत्री

Updated at : 08 Feb 2019 6:34 PM (IST)
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पश्चिम बंगाल असंवेदनशील सरकार, चायवाले से ''दीदी'' को इतनी चिढ़ क्‍यों : प्रधानमंत्री

– मौयनागुड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा – बंगाल सरकार की हो रही दुनिया भर में बदनामी कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौयनागुड़ी में सभा करके पश्चिम बंगाल सरकार को असंवेदनशील सरकार करार दिया और कहा कि दुनियाभर में उसकी बदनामी हो रही है. प्रधानमंत्री ने मौके पर कलकत्ता हाइकोर्ट की जलपाइगुड़ी बेंच […]

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– मौयनागुड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा

– बंगाल सरकार की हो रही दुनिया भर में बदनामी

कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौयनागुड़ी में सभा करके पश्चिम बंगाल सरकार को असंवेदनशील सरकार करार दिया और कहा कि दुनियाभर में उसकी बदनामी हो रही है. प्रधानमंत्री ने मौके पर कलकत्ता हाइकोर्ट की जलपाइगुड़ी बेंच का भी उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि जलपाइगुड़ी के लोगों की दशकों पुरानी और एक मांग पूरी हुई है. कलकत्ता हाइकोर्ट की जलपाइगुड़ी खंडपीठ का उद्घाटन किया गया.

जबकि, कांग्रेस, तृणमूल या वामदल को आमजन की परेशानियों से कोई लेनादेना नहीं है. इस खंडपीठ के लिए कलकत्ता हाइकोर्ट से 20 वर्ष पहले पहला कदम, 13 साल पहले कैबिनेट मंजूरी भी. इतने वर्ष पहले मंजूर किये जाने के बाद जनता का सपना अब साकार हुआ है. संवेदनहीन राज्य सरकार को अहसास ही नहीं कि एक गरीब को छोटे-छोटे मामलों के लिए कलकत्ता हाइकोर्ट जाना होता था उसे कितना परेशान होना पड़ता है. हाइकोर्ट द्वारा राज्य की सरकार को इस संबंध में लिखा जाता रहा, लेकिन उस विषय को वह लटकाती रही.

प्रधानमंत्री ने कहा कि चायवालों से दीदी को इतनी चिढ़ क्यों है? सिलिगुड़ी नगर निगम के साथ गलत बर्ताव हो रहा है. उत्तर बंगाल की कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर हो गयी है. उद्योग धंधे विकसित नहीं किये गये. युवा पलायन को मजबूर है. सिंचाई की परियोजनाएं लटकी हुई है.

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की सरकार ने माटी को बदनाम, मानुष को मजबूर किया है. जो पश्चिम बंगाल कला और संस्कृति के लिए जाना जाता था, वह हिंसा और अलोकतांत्रिक तरीके के लिए दुनिया में चर्चा में है. उसकी बदनामी हो रही है. भाजपा के लिए सबका साथ, सबका विकास, नीयत और नीति है. यहां बंद पड़े चाय बागानों को उन्होंने खुलवाया.

उन्‍होंने कहा कि श्रमिकों के लिए बैंक में खाते खुलवाये. जो बजट पेश किया गया उसमें मजदूर परिवारों के लिए बड़ी योजना बनायी गयी. ऐसी योजना आजादी के इतिहास में पहले कभी नहीं. चाय बागानों में काम करने वाले व अन्य श्रमिकों को अन्य कर्मचारियों की तरह पेंशन की सुविधा मिलेगी.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दो हजार करोड़ रुपये की लागत से फलाकाट-सलसलाबाड़ी नेशनल हाइवे के फोर लेन का शिलान्यास किया. परियोजना के पूरा होने पर सिलिगुड़ी आने-जाने की सुविधा बढ़ जायेगी.

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