ब्रह्मांड की आस्था का केंद्र है गंगासागर : शंकराचार्य

Updated at : 13 Jan 2019 8:15 PM (IST)
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ब्रह्मांड की आस्था का केंद्र है गंगासागर : शंकराचार्य

सागरद्वीप : मकर संक्राति के अवसर पर पुण्य स्नान के लिए गंगासागर पहुंचे पुरी के श्रीगोवर्धन मठ के पीठाधीश्वर स्वामी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने संक्रांत स्नान की पूर्व संध्या पर पत्रकारों के साथ देश-समाज, धर्म-परंपरा और राजनीति पर चर्चा करते हुए कहा कि, ‘राजनीति का नीति शब्द धर्म का पर्याय है. जो देश व समाज […]

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सागरद्वीप : मकर संक्राति के अवसर पर पुण्य स्नान के लिए गंगासागर पहुंचे पुरी के श्रीगोवर्धन मठ के पीठाधीश्वर स्वामी शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने संक्रांत स्नान की पूर्व संध्या पर पत्रकारों के साथ देश-समाज, धर्म-परंपरा और राजनीति पर चर्चा करते हुए कहा कि, ‘राजनीति का नीति शब्द धर्म का पर्याय है. जो देश व समाज की व्यवस्था व सुरक्षा की बात करता है. पर अफसोस आज राजनीति अराजक तत्वों की बपौती बन गयी है. सत्ता के मोह में राजनीति दल देश को भूल चुके हैं.

सद्भावपूर्ण संवाद के अभाव से हाशिये पर पंश्चिम बंगाल

स्वामी जी ने टो-टूक लहजे में कहा कि महाभारत व मनुस्मृति में भी राजधर्म की बात कही गयी है. राजधर्म के पालन की धुरी है सद्भावनापूर्ण संवाद. केंद्र सरकार व पश्चिम बंगाल के बीच सद्भावनापूर्ण संवाद की कमी से यह उपेक्षा का शिकार है. जिसे समझने की जरूरत है. क्योंकि देश की सीमा में ही बंगाल आता है. बेहतर है कि पश्चिम बंगाल सरकार व केंद्र के बीच स्वस्थ संवाद से इस अभाव को पाटा जाए.

ब्रह्मांड के आस्था का केंद्र है सागर मेला

गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित किये जाने की मांग पर केंद्र की उदासीनता के बारे में स्वामी ने कहा कि सागर मेला राष्ट्र का ही नहीं यह तो ब्रह्मांड की आस्था का मेला है. सरकार या प्रशासन के घोषणा के पूर्व ही हमारे आदि ऋषियों ने इस बात की उद्षोघणा कर दी है. गंगा और सागर के संगम पर मानव समाज के साथ-साथ गंधर्व, अप्सरा, देव, पितर सभी पुण्य स्नान करते हैं. यह शास्त्रसम्मत है.

राजनीतिक इच्छाशक्ति में कमी का परिणाम है राममंदिर विवाद

राममंदिर पर हो रही राजनीति के बारे में स्वामीजी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के शिलान्यास को लेकर ऐसा ही विवाद छिड़ा था. लेकिन तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने बड़ी सूझ-बूझ से काम लिया. हालांकि पहले प्रधानमंत्री नेहरु जी यथास्थान पर सोमनाथ मंदिर नहीं बनवाना चाहते थे.

लेकिन लौहपुरुष वल्लभ भाई ने राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद को साथ लेकर यथास्थान सोमनाथ मंदिर का शिलान्‍यास किया और वहां आसपास उपस्थित सौ मुस्लिम परिवार को बिना किसी गोली व गाली के दूसरे जगह स्थापित भी किया. पुरातत्व विभाग के द्वारा भी यह प्रमाणित हो चुका है कि अयोध्या में राममंदिर के अवशेष ही मिले हैं. बाबरी मजिस्द जैसी कोई बात ही नहीं हैं. साढ़े चार साल की अवधि में सरकार चाहती तो इस मसले को सुलझा सकती थी. लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति के अभाव का परिणाम रामलला को भुगतना पड़ रहा है.

पौराणिक आधार पर तीर्थों का नामकरण सही

जो अच्छा है उसे अच्छा कहने में मुझे कोई संकोच नहीं. तीर्थों का नामकरण उनके पौराणिक नाम से हुआ यह अच्छी पहल हैं.

धार्मिक और अध्यात्मिक गुरु होने के नाते सरकार को संकेत

नारायण-नारायण के उद्गार के साथ अपनी बात की शुरुआत करते हुए स्वामी जी कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले को लेकर उसकी आधारशिला ही दूषित है. रामलला मंदिर के पास बाबरी मस्जिद के होने का प्रश्न ही नहीं उठता. बाबरी मस्जिद क्या है? अगर कोई आक्रमक तत्व हमारे स्थान को दूषित करता है तो मानवाधिकार की सीमा में संयुक्त राष्ट्र संघ को यह घोषित करना चाहिए कि वह तंत्र बर्बर है और उसे कोई अधिकार बर्बरता की सीमा में नहीं दिया जा सकता.

न्यामूर्तियों को मैं संकेत देना चाहता हूं मैं पुरी का शंकराचार्य धार्मिक और आध्यत्मिक दृष्टि से विश्व के सर्वोच्च पद पर पीठासीन यह कहता हूं कि रामलला का प्रादुर्भाव एक सत्य है. एक बार किसी धार्मिक मामले में कलकाता हाई कोर्ट ने मुझसे राय ली थी. मैने जो उन्हें सुझाव दिये थे उसे कोर्ट ने माना. वैसे ही उच्च न्यायालय को मैं संकेत देना चाहता हूं की कोर्ट में रामजन्म भूमि को लेकर जो केस चल रहा है उसकी आधारशिला ही गलत है.

स्कंद पुराण में श्री रामलाल के प्रार्दुभाव का पूरा वर्णन मिलता है कि उत्तर, दक्षिण और पूर्व पश्चिम में कौन है. इसलिए बाबरी मस्जिद का नाम ही देश से हटा देना चाहिए. देश के प्रधानमंत्री की गरिमा का मैं ख्याल रखता हूं. प्रधानमंत्री चार बार नेपाल जाकर पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन कर चुके हैं. लेकिन एक बार भी अयोध्या जाकर रामलला की दर्शन नहीं किये. उन्होंने प्रधानमंत्री से यह पूछते हुए कहा कि क्या अपको ऐसा करने से कांग्रेस ने प्रतिबंधित कर रखा है? आगे उन्होंने अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी पार्टी का अध्यक्ष देश में दूषित वातावरण नहीं बना सकता.

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