50 लाख तक के कारोबार को जीएसटी से छूट देने की वकालत करेगा बंगाल
Updated at : 13 Jul 2018 1:31 AM (IST)
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने गुरुवार को कहा कि वह 50 लाख रुपये तक के वार्षिक कारोबार करनेवाले कारोबारियों को जीएसटी से छूट देने के लिए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद में मुद्दे को उठायेंगे. वर्तमान में 20 लाख रुपये या इससे कम वार्षिक टर्नओवर वाली कंपनियों को जीएसटी […]
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने गुरुवार को कहा कि वह 50 लाख रुपये तक के वार्षिक कारोबार करनेवाले कारोबारियों को जीएसटी से छूट देने के लिए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद में मुद्दे को उठायेंगे. वर्तमान में 20 लाख रुपये या इससे कम वार्षिक टर्नओवर वाली कंपनियों को जीएसटी से छूट मिली है. डॉ मित्रा ने कपड़ा विनिर्माताओं एवं कारोबारियों की बैठक में यहां कहा कि जीएसटी को पहले स्थिर होने दीजिए. यह अभी तक स्थिर नहीं हुआ है, क्योंकि बिलों का भुगतान रसीदों के साथ हाथ से मिलान किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि नयी कर व्यवस्था का क्रियान्वयन हड़बड़ी में किया गया और जीएसटी नेटवर्क अभी भी पहले से ऑनलाइन दायर जीएसटीआर-1 के साथ मिलान करने के लिए जीएसटीआर-2 को ऑनलाइन अपलोड करने में सक्षम नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि छूट के दायरे को क्रमिक आधार पर बढ़ाया जाएगा. उन्होंने घोषणा की कि राज्य के भीतर कामगारों के लिए ई-वे बिल की जरूरत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि यह पश्चिम बंगाल में कपड़ा विनिर्माताओं पर लागू होगा.
डॉ मित्रा ने कहा कि राज्य सरकार उद्योग (कपड़ा) को और संगठित होने में मदद करेगी, ताकि बेहतर मुनाफा सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि राज्य पहले ही एक डिजाइन केंद्र बनाने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद के साथ संयुक्त उपक्रम बना चुकी है और कपड़ों का डिजाइन तैयार करने के लिए प्रयास किये जाएंगे. उन्होंने परिधानों की गुणवत्ता बढ़ाने तथा एजो-डाई के इस्तेमाल से बचने पर भी जोर दिया. इसके कारण विनिर्माता यूरोपीय संघ में निर्यात से वंचित रह जाते हैं.
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