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झारखंड में फेसबुक पर किसने बनाये बंगाल के आइपीएस अधिकारियों के फर्जी अकाउंट

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
कोलकाता पुलिस ने फेसबुक से संपर्क किया.
कोलकाता पुलिस ने फेसबुक से संपर्क किया.
Prabhat Khabar

कोलकाता : सोशल मीडिया (Social Media) साइट फेसबुक (Facebook) पर पश्चिम बंगाल पुलिस (West Bengal Police) के कई वरिष्ठ आइपीएस अफसरों (Senior IPS Officers) के फर्जी प्रोफाइल (Fake Profile) मिले हैं. जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी मिली, मामले की जांच शुरू कर दी गयी. शुरुआती जांच में पता चला है कि पुलिस कमिश्नर और एसपी रैंक के अधिकारियों के ये अकाउंट झारखंड (Jharkhand), बिहार (Bihar), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) समेत अलग-अलग राज्यों से संचालित हो रहे हैं.

आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि उन्हें बंगाल पुलिस के सीनियर ऑफिसर्स के नाम से फेसबुक पर चलाये जा रहे फर्जी अकाउंट की जानकारी मिली है. मामले की जांच की जा रही है. फर्जीवाड़ा करने वालों को जल्दी ही पुलिस गिरफ्तार कर लेगी.

उन्होंने कहा कि चंदननगर के पुलिस आयुक्त हुमायूं कबीर, रायगंज के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार, मालदा के पुलिस अधीक्षक आलोक राजोरिया और सिलीगुड़ी ईस्ट जोन के सहायक आयुक्त स्वपन सरकार के फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट मिले हैं.

उन्होंने कहा कि इसके अलावा उत्तरी दिनाजपुर और दक्षिण बंगाल के जिलों में तैनात कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी ऐसे प्रोफाइल के जरिये निशाना बनाया गया है. सूत्रों ने कहा कि इन फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट में इन अधिकारियों की तस्वीर हैं और उनसे इन अधिकारियों के संपर्कों को ‘फ्रेंड रिक्वेस्ट’ भेजी जा रही है.

चंदननगर के पुलिस आयुक्त हुमायूं कबीर ने कहा, ‘हां, मुझे मेरे एक परिचित ने नये अकाउंट के बारे में बताया. मैंने उनसे प्रोफाइल के स्क्रीन शॉट भेजने को कहा. हालांकि, इससे पहले कि हम कुछ कर पाते प्रोफाइल को निष्क्रिय कर दिया गया. हमें यूआरएल मिल गया है. इसके आधार पर जांच शुरू की गयी है.’

वहीं, श्री राजोरिया ने कहा कि पुलिस ने फेसबुक को मामले की जानकारी दी है और जांच जारी है. सूत्रों ने कहा कि इनमें से अधिकतर अकाउंट को निष्क्रिय कर दिया गया है. सीआइडी की साइबर शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शुरुआती जांच में यह पाया गया कि यह अकाउंट झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओड़िशा और पंजाब से संचालित किये जा रहे थे.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं. ऐसे में बेहद सतर्कता के साथ मामले की जांच की जा रही है. मामले में हालांकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले बचेंगे नहीं. जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल दिया जायेगा.

Posted By : Mithilesh Jha

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