विश्व बैंक से 10 हजार करोड़ ऋण लेगा डीवीसी

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कोलकाता: दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) अपनी चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए फंड की समस्या को दूर करने के लिए अब विश्व बैंक के दरवाजे पर जायेगा. इन चार परियोजनाओं में बेलपहाड़ी में एक बांध का निर्माण किया जायेगा. इसके साथ ही सौर ऊर्जा के विकास व अपने बिजली वितरण प्रणाली को और बेहतर करने के […]

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कोलकाता: दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) अपनी चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए फंड की समस्या को दूर करने के लिए अब विश्व बैंक के दरवाजे पर जायेगा. इन चार परियोजनाओं में बेलपहाड़ी में एक बांध का निर्माण किया जायेगा. इसके साथ ही सौर ऊर्जा के विकास व अपने बिजली वितरण प्रणाली को और बेहतर करने के लिए डीवीसी ने विश्व बैंक से कुल मिला कर 10 हजार करोड़ रुपये का ऋण लेने का फैसला किया है. यह जानकारी शुक्रवार को डीवीसी के चेयरमैन आरएन सेन ने महानगर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी.

उन्होंने बताया कि डीवीसी ने अब सौर ऊर्जा उत्पादन करने की भी योजना बनायी है.कंपनी ने 2022 तक 850 मेगावाट सौर बिजली उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है. उन सभी योजनाओं के लिए विश्व बैंक से ऋण लेने के लिए डीवीसी ने पहल शुरू भी कर दी है, बहुत जल्द डीवीसी की ओर से विश्व बैंक के पास डीपीआर पेश किया जायेगा.

बेलपहाड़ी में बनेगा बांध
उन्होंने बताया कि झारखंड व बंगाल की सीमा पर स्थित बेलपहाड़ी में बांध का निर्माण किया जायेगा. इसके लिए करीब पांच हजार करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. इस परियोजना के लिए सिर्फ झारखंड में जमीन अधिग्रहण की जरूरत होगी, जहां करीब तीन हजार हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा.

35 हजार हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई की व्यवस्था
इस संबंध में डीवीसी की ओर से झारखंड व बंगाल सरकार को डीपीआर सौंप दिया गया है, लेकिन अब दोनों राज्य सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया है. उन्होंने बताया कि यहां बांध बनने से करीब 35,500 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई की व्यवस्था हो सकेगी, साथ ही यहां 20 मेगावाट जल विद्युत का उत्पादन भी किया जायेगा. झारखंड में उद्योग नहीं लगने का सबसे बड़ा कारण यहां पानी की कमी है. बांध बनने से यहां प्रत्येक वर्ष उद्योग के लिए 48,400 एकड़ फुट पानी की आपूर्ति की जायेगी. इस योजना पर कुल 5000 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.

2027 तक 20 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन
कंपनी ने 2027 तक अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ा कर 20 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा है. वर्तमान समय में निगम 5860 मेगावाट बिजली का उत्पादन रहा है, जिसे 2022 तक 13 हजार मेगावाट किया जायेगा. निगम फिलहाल 3520 मेगावाट बिजली उत्पादन करने के लिए नयी यूनिटों के स्थापना कार्य में जुटा हुआ है. इसमें बोकारो में 500 मेगावाट, रघुनाथपुर में 1200 मेगावाट, कोडरमा में 500 मेगावाट व रघुनाथपुर 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन यूनिट शामिल है.

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