गवर्नमेंट ऑटोनॉमस कॉलेज राउरकेला को संबलपुर विवि से मिली स्थायी संबद्धता

Updated at : 03 Aug 2024 11:19 PM (IST)
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गवर्नमेंट ऑटोनॉमस कॉलेज राउरकेला को संबलपुर विवि से मिली स्थायी संबद्धता

गवर्नमेंट ऑटोनोमस काॅलेज राउरकेला को संबलपुर विश्वविद्यालय से विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए स्थायी संबद्धता प्रदान की गयी है. इससे कॉलेज प्रबंधन उत्साहित है.

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राउरकेला. गवर्नमेंट ऑटोनोमस काॅलेज राउरकेला को संबलपुर विश्वविद्यालय से विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए स्थायी संबद्धता प्रदान की गयी है. विश्वविद्यालय से प्रदत्त पत्र के अनुसार इस ऑटोनोमस काॅलेज में स्नातक कला वर्ग में 17 विभिन्न पाठ्यक्रमों में 520 सीटें हैं . स्नातक विज्ञान श्रेणी में सात विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 304 सीटें और वाणिज्य श्रेणी में 192 सीटें, स्नातक श्रेणी के तहत स्व-वित्तपोषित पाठ्यक्रमों के तहत आठ पाठ्यक्रमों में 308 सीटें हैं. स्नातकोत्तर श्रेणी में कला विभाग के तहत 15 विभिन्न पाठ्यक्रमों में 416 सीटें हैं, इसके अलावा, स्नातकोत्तर श्रेणी के तहत विज्ञान विभाग के तहत सात विभिन्न विभागों में 240 सीटें हैं, स्नातकोत्तर श्रेणी के स्व-वित्तपोषण पाठ्यक्रम श्रेणी में दो पाठ्यक्रमों के तहत 128 सीटें हैं. यह स्थायी संबद्धता मान्यता 2023-24 से आगे के शैक्षणिक वर्षों के लिए प्रदान की गयी है. हाल ही में सरकारी स्वायत्त कॉलेज के छात्रों ने अपने पाठ्यक्रमों में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिसने पश्चिम ओडिशा के प्रमुख और अग्रणी कॉलेजों में से एक में यह शामिल हो गया है.

1961 में स्थापित हुआ था कॉलेज

पानपोष गवर्नमेंट कॉलेज की स्थापना 1961 में एक सरकारी कॉलेज के तौर पर हुई थी. बाद में एक सरकारी स्वायत्त कॉलेज के रूप में इस कॉलज को मान्यता मिली. काॅलेज के प्राचार्य डाॅ विजय कुमार बेहरा व अन्य ने स्थायी संबद्धता मिलने पर संबलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विधुभूषण मिश्र, कुल सचिव डॉ नृपराज साहू, कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल-सीडीसी की अध्यक्ष प्रो अनीता दास समेत अन्य अधिकारियों और कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रो समर मुदली को धन्यवाद दिया है.

यूनिफॉर्म में सोशल मीडिया पर ऑडियो-वीडियाे अपलोड न करने से बचें छात्र

पानपोष स्थित गवर्नमेंट ऑटोनोमस कॉलेज, राउरकेला प्रबंधन की ओर से सभी विद्यार्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे महाविद्यालय परिसर के अंदर या बाहर यूनिफॉर्म और कॉलेज के पहचान पत्र के साथ किसी भी प्रकार का अप्रिय और अपमानजनक ऑडियो/वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड न करें. यदि वे इस संस्था के प्रचार-प्रसार के संबंध में कोई वीडियो रिकॉर्ड या अपलोड करना चाहते हैं, जिसमें समाज के लिए बेहतर संदेश हो, तो उन्हें अनुशासन समिति के अप्रूवल के साथ कॉलेज के प्राचार्य से अनुमति लेनी होगी. साथ ही कहा गया है कि जो कोई भी ऐसे वीडियो/ऑडियो अपलोड करने से पहले उपरोक्त दिशा-निर्देशों का पालन करने में विफल रहता है, समिति उसके खिलाफ संस्थान से निष्कासन सहित कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी. इसके साथ सोशल मीडिया उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किया गया है. कॉलेज की वेबसाइट पर यह जानकारी तथा निर्देश अपलोड किया गया है.

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