नंबर की जगह मिलेगा ग्रेड

Updated at : 12 Feb 2017 6:04 AM (IST)
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नंबर की जगह मिलेगा ग्रेड

केयू. 2017-18 सत्र से लागू होगा सीबीसीएस, तैयारी शुरू सिलेबस होगा बदलाव, विभागाध्यक्ष तैयारी में जुटे चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास का रही है. जिसके तहत पीजी लेवल पर गुणवत्ता शिक्षा व नामांकन प्रक्रिया को सरलीकरण करना आदि शामिल है. वहीं, एग्जाम और सिलेबस में भी […]

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केयू. 2017-18 सत्र से लागू होगा सीबीसीएस, तैयारी शुरू

सिलेबस होगा बदलाव, विभागाध्यक्ष तैयारी में जुटे
चाईबासा : कोल्हान विश्वविद्यालय में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास का रही है. जिसके तहत पीजी लेवल पर गुणवत्ता शिक्षा व नामांकन प्रक्रिया को सरलीकरण करना आदि शामिल है. वहीं, एग्जाम और सिलेबस में भी काफी बदलाव किए जा रहे हैं. विवि प्रशासन ने इसी सत्र से सीबीसीएस यानि च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू करने का फैसला लिया. इसके लिये संबंधित विषय के विभागाध्यक्षों को नया सिलेबस बनाने का निर्देश दिया गया है. जिसके तहत मई तक विभागाध्यक्ष सिलेबस तैयार कर विवि को सौंपेंगे. विवि ने सिलेबस बनाने के लिए रेगुलेशन की प्रति भी सभी एचओडी को दिया है. इस नए सिस्टम के तहत विवि में पढ़ने वाले छात्र कोर सब्जेक्ट के साथ कई तरह के इलेक्टिव कोर्स भी पढ़ सकेंगे. वहीं,
विवि के छात्रों की मार्कशीट पर नंबर की जगह ग्रेड दिया जायेगा. कई इलेक्टिव कोर्स का होगा विकल्प. विवि ने इलेक्टिव कोर्स में करीब तीस से अधिक विषयों का विकल्प रखा है, जिसमें पुस्तकालय सहायक, कंप्यूटर एप्लीकेशन, व्यक्तित्व विकास, संवाद कौशल, कृषि सांख्यिकी, टीचिंग स्किल्स, फोटोग्राफी, माइक्रोइक्रोनॉमिक्स, इकोनॉमिट्री, म्यूजियम, हरबेरियम, सोशल फॉरेस्ट्री आदि कई कोर्स होंगे. इसके अलावा कुछ और भी कोर्स की पढ़ाई शुरू की जायेगी. सीबीसीएस में ये होगा बदलाव. विवि में सीबीसीएस लागू होने के बाद छात्रों को विवि में ज्यादा च्वाइस मिलेगी. छात्र संबंधित सब्जेक्ट में सबसे बेहतर फैकल्टी व लैब का प्रयोग कर सकेंगे. एक छात्र को कई फैकल्टी से इंटरेक्शन करने का मौका मिलेगा. साथ ही कैम्पस व कॉलेज की प्रवेश प्रक्रिया अलग-अलग होगी. सिलेबस भी अलग किया जाएगा.
छात्र पढ़ सकेंगे कई सब्जेक्ट
क्रेडिट सिस्टम लागू होने से कोई छात्र अगर एमए में प्रवेश लेता है, तो वह अपने पसंद का कोई भी एक इलेक्टिव सब्जेक्ट ले सकता है. एमए का छात्र कंप्यूटर एप्लीकेशन का कोर्स कर सकता है. वहीं, एमएससी का छात्र कला या किसी भी विषय के इलेक्टिव सब्जेक्ट का चुनाव कर सकता है. इसके साथ ही कोई छात्र जितने चाहे उतने इलेक्टिव सब्जेक्ट का पढ़ाई कर सकता है. विवि इसके लिए छात्र को बाध्य नहीं कर सकता है, हां छात्र को किसी एक इलेक्टिव सब्जेक्ट में ही परीक्षा देनी होगी, जिसका उल्लेख छात्र के मार्कशीट पर होगा.
क्रेडिट के बाद कैंपस में यह बदलाव होगा
शैक्षणिक सत्र 2017-18 में कैंपस और कॉलेज की प्रवेश प्रक्रिया अलग होगी
हर सेमेस्टर में चार कोर सब्जेक्ट और एक इलेक्टिव सब्जेक्ट छात्र को लेना होगा
कोर सब्जेक्ट में 24 क्रेडिट और इलेक्टिव कोर्स में चार क्रेडिट निर्धारित होंगे
अभ्यर्थी पीजी स्तर पर डिग्री पूरी करने के साथ 104 क्रेडिट हासिल करेंगे
हर विभाग में कम से कम दो इलेक्टिव कोर्स संचालित करने होंगे
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