2000 के नोट भी नहीं ले रहे दुकानदार, परेशानी

Updated at : 17 Nov 2016 6:54 AM (IST)
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2000 के नोट भी नहीं ले रहे दुकानदार, परेशानी

धनकटाई छोड़ मजदूर लगा रहे बैंकों में कतार, खेती कार्य प्रभावित चाईबासा : सरकार के आदेश के बाद 500 व 1000 रुपये के पुराने नोट बंद हो गया है. वहीं खुचरा की किल्लत के कारण नये नोट (दो हजार रुपये) 90 प्रतिशत दुकानदार लेने को तैयार नहीं है. इसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ गयी […]

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धनकटाई छोड़ मजदूर लगा रहे बैंकों में कतार, खेती कार्य प्रभावित

चाईबासा : सरकार के आदेश के बाद 500 व 1000 रुपये के पुराने नोट बंद हो गया है. वहीं खुचरा की किल्लत के कारण नये नोट (दो हजार रुपये) 90 प्रतिशत दुकानदार लेने को तैयार नहीं है. इसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. जानकारों के अनुसार जबतक बाजार में पांच सौ रुपये के नये नोट नहीं आते हैं, तबतक यह स्थिति बनी रहेगी. जेब में दो हजार रुपये के नोट होने के बावजूद लोग फकीर जैसा महसूस कर रहे हैं. चाईबासा शहर के साथ जिले में कमोवेश यहीं स्थिति है.
डेविट व क्रेडिट कार्ड का उपयोग बढ़ा :बाजार से छोटे नोट की किल्लत से डेविट व क्रेडिट कार्ड का उपयोग बढ़ गया है. लोगों की सहूलियत के लिए चाईबासा के कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों में मशीन लगाना शुरू कर दिया है. वहीं जिन दुकानदारों के पास पहले से मशीन की सुविधा है. वे इसके इस्तेमाल को बढ़ावा दे रहे हैं.
पेट्रोल पंप में घटी ग्राहकों की भीड़ : खुचरा की किल्लत से पेट्रोल पंपों पर बुधवार से भीड़ घटने लगी है. पेट्रोल पंपों पर पांच सौ के नोट अब भी चल रहे हैं, लेकिन ग्राहकों को उतने का पेट्रोल या डीजल लेना पड़ा रहा है. कई पेट्रोल पंप छुट्टे की जगह स्लिप दे रहे हैं, ताकि ग्राहक उस स्लिप के जरिये बाद में पेट्रोल भरा सके. फल फूल रहा बट्टा का कारोबार: जैंतगढ़. नोटबंदी के कारण बाजार में बट्टा कारोबार फलने लगा है. 1000-500 के पुराने नोटो के बदले 600-800 रुपये या 300-400 रुपये दिये जा रहे हैं. यह धंधा बड़े गोपनीय रूप से हो रहा है. ग्राहकों को एकान्त में बुला कर पैसा बदला जा रहा है. पैसे की तंगी के कारण सूदखोरों की ब्याज की दर बढ़ रही है. 5 से 10 प्रतिशत मासिक सूद पर रकम दी जा रही है.
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