पद्मावती सरस्वती शिशु मंदिर में तीन घंटे हंगामा, हाथापायी

Published at :09 Aug 2015 12:36 AM (IST)
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पद्मावती सरस्वती शिशु मंदिर में तीन घंटे हंगामा, हाथापायी

चाईबासा : हंगामा, मारपीट के साथ घंटों चले हाइ वोल्टेज ड्रामा के बाद आखिरकार 20 वर्षो से पद्मावती सरस्वती शिशु मंदिर में जमे प्राचरय सुरेंद्र कुमार राय के कार्यालय का ताला तोड़कर नये प्राचार्य कृष्णकांत सिंह को प्रभार दिलाया गया. रांची से आये विद्या भारती के प्रदेश मंत्री शशिकांत द्विवेदी ने हंगामे की आशंका जताते […]

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चाईबासा : हंगामा, मारपीट के साथ घंटों चले हाइ वोल्टेज ड्रामा के बाद आखिरकार 20 वर्षो से पद्मावती सरस्वती शिशु मंदिर में जमे प्राचरय सुरेंद्र कुमार राय के कार्यालय का ताला तोड़कर नये प्राचार्य कृष्णकांत सिंह को प्रभार दिलाया गया. रांची से आये विद्या भारती के प्रदेश मंत्री शशिकांत द्विवेदी ने हंगामे की आशंका जताते हुए पहले ही पूरे मामले से उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को अवगत करा दिया था. शनिवार की दोपहर तीन बजे विद्या भारती के अधिकारियों के साथ प्रभार लेने पहुंचे प्राचार्य कृष्णकांत सिंह व अन्य लोग स्कूल पहुंचे थे.

इन लोगों को स्कूल परिसर में भारी विरोध का सामना करना पड़ा. इनर पर पहले लाठियों से हमला किया गया और फिर कुत्ते छोड़ दिये गये. मामले में पूर्व प्राचार्य सुरेंद्र राय के करीबी संजीव कुमार, कमलेश कुमार, उपेंद्र राय, मुरलीधर मिश्र के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी है. आरोप है कि प्रभार लेने आयी टीम के सदस्यों साथ पूर्व प्राचार्य की पत्नी ने भी अपशब्द का प्रयोग किया.

तोड़ने पड़े दो दर्जन से अधिक ताले

प्रभार लेने गये अधिकारियों को सहयोग नहीं मिलने पर लगभग दो दर्जन ताले तोड़ने पड़े. विद्या भारती के प्रदेश मंत्री ने बताया कि तीन फरवरी 1997 से सुरेंद्र कुमार राय चाईबासा सरस्वती शिशु मंदिर में प्राचार्य है. इसके पूर्व वे यहां आचार्य के रुप में कार्यरत थे.

लगभग 20 वर्षो से ज्यादा चाईबासा में रहने के बाद उनका स्थानांतरण एक वर्ष पूर्व रांची विद्या भारती के मुख्यालय में कर दिया गया था. लेकिन वे नियम संविधान के विरूद्ध मनमाने तरीके से स्कूल में जमे रहे व उसका संचालन करते रहे. स्कूल का संचालन करने वाली समिति विद्या भारती को नजरअंदाज कर अपने अनुसार एक टीम बना ली थी. पिछले तीन साल से विद्या भारती योजना के तहत स्कूल का संचालन नहीं किया जा रहा था.

इसके अलावा वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें भी मिल रही थी. स्कूल के शुल्क के पैसे से स्कॉर्पियो खरीदने जैसी शिकायत भी मिली थी. स्कूल का निरीक्षण करने 19 जुलाई को आये विद्या भारती के कोल्हान प्रमंडल निरीक्षक रामअवतार को स्कूल में प्रवेश करने नहीं दिया गया. इस कारण विद्या भारती के प्रदेश समिति चाईबासा सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य की कार्यशैली से काफी नाराज थे.

पुलिस बल की थी तैनाती

विवाद को देखते हुए प्रशासन द्वारा यहां पुलिस बल व दंडाधिकारी के तौर पर सदर बीडीओ मुकेश मछुवा की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. हालांकि पूरे घटना के बाद मामले की जानकारी लेने सदर एसडीओ राकेश कुमार दुबे भी पहुंचे और वस्तुस्थिति जानी.

अभिभावकों की बैठक आज, फीस में कटौती

चाईबासा. नये प्राचार्य कृष्ण कांत सिंह ने बताया कि विद्यालय पूर्व की भांति चलेगी. इसके लिये रविवार को 11 बजे अभिभावकों की बैठक स्कूल परिसर में बुलायी गयी है. विद्यालय संचालन के लिये नयी कमेटी का गठन किया गया है. जिसमें शिशु मंदिर से जुड़े सभी पुराने हितैशी लोगों को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि विद्यालय शुल्क में दस प्रतिशत कटौती करने पर विचार किया जायेगा.

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