खरसावां के कुंडियासाई टोला में डायरिया से महिला की मौत, गांव पहुंचे डीसी और सिविल सर्जन

Diarrhea in Kharsawan: सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां में डायरिया का प्रकोप फैल गया है. 2 लोगों की मौत हो चुकी है. 9 लोग अस्पताल में भर्ती हैं. डायरिया से 2 लोगों की मौत की सूचना मिलने के बाद उपायुक्त और सिविल सर्जन लाव-लश्कर के साथ कुंडियासाई टोला पहंचे. पूरे टोले का निरीक्षण किया. उस कुआं का भी निरीक्षण किया, जिसका पानी पीने से कथित तौर पर लोग बीमार पड़े हैं.

Diarrhea in Kharsawan| खरसावां, शचिंद्र कुमार दाश : खरसावां जिले के रिडिंग गांव के कुंडियासाई टोला में गुरुवार 14 अगस्त को डायरिया से एक महिला माकी हेम्ब्रम (66) की मौत हो गयी. ग्रामीणों के अनुसार, अहले सुबह बुखार आने के साथ-साथ उल्टी व दस्त शुरू हो गयी. इसके बाद गांव में मौजूद मेडिकल टीम ने उपचार शुरू किया. सुबह करीब साढ़े 7 बजे महिला ने दम तोड़ दिया. इससे पूर्व मंगलवार को देर शाम डायरिया से अमर सिंह सिजुई (10) की मौत हो गयी थी. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में 9 लोग पीड़ित हैं. सभी का एमजीएम जमशेदपुर और सदर अस्पताल सरायकेला में इलाज चल रहा है. ग्रामीणों के बीच आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया है.

कुंडियासाई पहुंचकर डीसी ने स्थिति का जायजा लिया

रिडिंग के कुंडियासाई टोल में डायरिया से 2 लोगों की मौत के बाद सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त नितीश कुमार सिंह गुरुवार को गांव पहुंचे. उन्होंने पूरे गांव का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया. मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये. डीसी के निर्देश पर गांव में एंबुलेंस के साथ मेडिकल टीम को तैनात कर दिया गया है.

24 घंटे गांव में तैनात रहेगी मेडिकल टीम

एंबुलेंस और मेडिकल टीम 24 घंटे गांव में तैनात रहेगी. सभी घरों में जाकर जांच की जा रही है. सभी जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं. गांव में स्वच्छ पानी की व्यवस्था की गयी है. इस दौरान बीडीओ प्रधान माझी, सीओ कप्तान सिंकु, डीपीआरओ अविनार कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ वीरांगना सिंकु, पीएचइडी के अभियंता अश्विनी सरदार व अन्य भी मौजूद थे.

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जल मीनार लगाने वाली एजेंसी पर FIR का आदेश

डीसी ने पूरे गांव में पैदल घूमकर स्थिति का जायजा लिया. जिस पुराने कुआं के दूषित पानी पीने से गांव में डायरिया फैला, उसका भी जायजा लिया. लंबे समय से खराब पड़े जलापूर्ति योजना को देख डीसी ने पीएचइडी विभाग पर नाराजगी जतायी. ग्रामीणों ने बताया कि सोलर संचालित जलापूर्ति योजना खराब रहने के कारण लोग पुराने कुआं का पानी पीने को विवश हैं.

Diarrhea in Kharsawan: गांव के अधिकांश शौचालय बेकार

ग्रामीणों ने बताया कि जलापूर्ति दुरुस्त करने की शिकायत के बावजूद इसे दुरुस्त नहीं किया गया. इस पर डीसी ने जलापूर्ति योजना के तहत निर्माण करने वाली एजेंसी पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अधिकांश शौचालय बेकार पड़े हैं.

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कुआं का दूषित पानी पीने से बीमार हुए लोग – सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में खेत का पानी कुआं में चला जाता है. इससे पानी दूषित हो जाता है. संभवत: इसी पानी को पीने के कारण गांव के लोग बीमार पड़े हैं. कुआं के पानी को जांच के लिए एमजीएम भेज दिया गया है. फिलहाल इसे डायरिया मानकर लोगों का उपचार किया जा रहा है. लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है.

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By Mithilesh Jha

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