कला संस्कृति का क्षेत्र व्यापक : अर्जुन मुंडा

Updated at : 02 Jul 2017 12:17 AM (IST)
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कला संस्कृति का क्षेत्र व्यापक : अर्जुन मुंडा

राजकीय छऊ कला केंद्र में आयोजित हुआ सांस्कृतिक प्रतिभा खोज समारोह समारोह में ऑडिशन देने पहुंचे 850 लोक कलाकार सरायकेला : कला संस्कृति का क्षेत्र व्यापक है. प्रत्येक मानव के जीवन में कला है. कला संस्कृति के बगैर मानव जीवन नीरस हो जाता है. यह बात पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने सरायकेला छऊ कलाकेंद्र में […]

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राजकीय छऊ कला केंद्र में आयोजित हुआ सांस्कृतिक प्रतिभा खोज समारोह

समारोह में ऑडिशन देने पहुंचे 850 लोक कलाकार
सरायकेला : कला संस्कृति का क्षेत्र व्यापक है. प्रत्येक मानव के जीवन में कला है. कला संस्कृति के बगैर मानव जीवन नीरस हो जाता है. यह बात पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने सरायकेला छऊ कलाकेंद्र में आयोजित सांस्कृतिक प्रतिभा खोज समारोह में कही. भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय लोक व आदिवासी कला परिषद,
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र व जिला प्रशासन सरायकेला के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया. अर्जुन मुंडा ने कहा कि दुनिया में भारत देश में कला का अनूठा संगम है. संस्कृति व कला जीवन का नाम है. जिसके माध्यम से देश को संगठित कर सकते हैं व दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि कला की पहचान जाति व धर्म से नहीं होती है अपितु प्रतिभा से पहचानी जाती है.
कला के क्षेत्र में सरायकेला खरसावां की अलग पहचान: दशरथ : विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित खरसावां विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि सरायकेला खरसावां जिला राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है. सांस्कृतिक मंत्रालय लोक कलाकारों को उभारने व प्रोत्साहित करने के लिए जो प्रयास कर रही है, वह काफी सराहनीय है.
कला के माध्यम से ही भारत बनेगा विश्व गुरू: निर्मल वैध
आदिवासी कला लोक परिषद के निर्मल वैध ने कहा कि भारत विविधताओं का देश है. यहां बहुत सी कला है, इन कलाओं के माध्यम से ही भारत दुनिया में विश्व गुरु बन सकता है. श्री वैध ने कहा कि कलाकार में कोई जाति या धर्म नहीं होता है, कलाकार तो सिर्फ कलाकार ही होता है. कार्यक्रम को नृत्यंगना नलीनी व कमलीनी, उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक परिषद के निदेशक कल्पना सहाय, बनारस से आये योगेंद्र मिश्रा ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन राजकीय कला केंद्र के निदेशक तपन पट्टनायक ने किया.
850 कलाकारों ने दिया ऑडिशन:
प्रतिभा खोज कार्यक्रम में 850 कलाकारों ने ऑडिशन दिया. कार्यक्रम में जज के रूप में उपस्थित कलाकारों ने रेटिंग दी. जिसके आधार पर कला प्रतिभाओं का चयन किया जायेगा.
छऊ के साथ लोक कलाकारों ने प्रस्तुत किया नृत्य
ऑडिशन कार्यक्रम में सरायकेला खरसावां जिला के तीनों शैली के अलावा नटुवा शैली के कलाकारों ने भी नृत्य प्रस्तुत किया. कार्यक्रम की शुरुआत सरायकेला शैली के छऊ कलाकारों ने राधाकृष्ण नृत्य प्रस्तुत कर किया. इसके पश्चात खरसावां शैली के कलाकारों ने शिकारी नृत्य व मानभूम शैली के कलाकारों ने महिषासुर वध नृत्य प्रस्तुत किया. नटुवा शैली के कलाकारों ने भी नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी.
जनसमस्याओं पर गंभीर हो प्रशासन
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