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राजधनवार : कई ख्वाब पूरे, कुछ रह गये अधूरे

Updated at : 24 Mar 2019 8:40 AM (IST)
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राजधनवार : कई ख्वाब पूरे, कुछ रह गये अधूरे

रामकृष्णा राजधनवार : कोडरमा सांसद डॉ रवींद्र कुमार राय ने जनवरी 2015 में जब गादी पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने के लिए गोद लिया था. सांसद ने लोगों के कई सपने पूरे किये, लेकिन कई अधूरे भी रह गये. पंचायत के सभी चार गांव में लघु सिंचाई विभाग से पांच तालाबों के निर्माण तथा […]

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रामकृष्णा
राजधनवार : कोडरमा सांसद डॉ रवींद्र कुमार राय ने जनवरी 2015 में जब गादी पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने के लिए गोद लिया था. सांसद ने लोगों के कई सपने पूरे किये, लेकिन कई अधूरे भी रह गये. पंचायत के सभी चार गांव में लघु सिंचाई विभाग से पांच तालाबों के निर्माण तथा आठ डीप बोरिंग से काफी हद तक सिंचाई समस्या का समाधान हुआ.
अनाबद्ध योजना से पांच पीसीसी पथ तथा आरइओ से तीन पक्की सड़क का निर्माण से गांव व क्षेत्र के लोग लाभांवित हुए. ग्रामीण दिग्विजय कुमार बताते हैं कि पंचायत में घर-घर पेयजल आपूर्ति के लिए करोड़ो की लागत से बड़ी-बड़ी पानी टंकी का निर्माण और पाइप बिछाने का काम भी चल रहा है.
सभी गांव के मुख्य स्थानों पर 22 सोलर लाइट लगाये गये हैं. गादी में तहसील भवन बन कर तैयार है, जबकि हॉस्पिटल भवन निर्माण का काम भी चल रहा है. हालांकि, मांग के बावजूद गादी तालाब का निर्माण तथा अरगाली के दुखिया महादेव मंदिर के पास विवाह भवन निर्माण की पहल नहीं होने की कसक भी है.
पंचायत के कई टोले जूझ रहे रास्ते की समस्या से
दूसरी तरफ गादी पंचायत के अरगाली का उपाध्याय टोला, बरोटांड़ का टोला चोंढ़ी और खेडार से पंचायत मुख्यालय तक के लिए कोई मार्ग नहीं होना ग्रामीणों को खल रहा है. बता दें कि मौजा बरोटांड़ के टोला खेडार तक जाने के लिए कोई सरकारी रास्ता नहीं है. खेडार की आबादी लगभग चार सौ है.
लोग जमींदार की परती पड़ी रैयती जमीन तथा वन भूमि से होकर अभी आना-जाना करते हैं. इसी मौजा का टोला चोंढ़ी इरगा नदी पार जमुआ प्रखंड की सीमा पर स्थित है. नदी में पुल नहीं रहने के कारण पंचायत तो दूर अपने राजस्व गांव बरोटांड़ तक आने-जाने का रास्ता भी ग्रामीणों को मयस्सर नहीं है. इस टोले की आबादी लगभग डेढ़ सौ है. खास कर बरसात के दिनों में ग्रामीणों का संपर्क अपने राजस्व गांव, पंचायत और प्रखंड से कट सा जाता है. ऐसे में यदि धनवार या गादी जाना हो, तो ये झारखंडधाम होते हुए लगभग 20 किमी का चक्कर काट कर पहुंचते हैं. इस आदर्श ग्राम-पंचायत के अरगाली का एक टोला उपाध्याय टोला जरीसिंगा पंचायत की सीमा पर बसा है.
इस गांव में रोड के आर-पार दोनों पंचायत के लगभग पांच सौ की आबादी बसी है, लेकिन इस गांव से भी अपने राजस्व गांव अरगाली या पंचायत मुख्यालय गादी तक जाने का रास्ता नहीं है. लोग गांव के उत्तर तरफ एक तालाब की मेढ़ से आना-जाना करते हैं. खास कर बरसात में मेढ़ पर चल पाना जोखिम भरा होता है.
खेडार के ग्रामीण विजय यादव, सहदेव यादव, बसंत कुमार, दशरथ वर्मा आदि ने बताया कि जमींदारों की परती रैयती तथा जंगल की जमीन से आवागमन हो रहा है, लेकिन यह समाधान नहीं है. चोंढ़ी के लोगों ने कहा कि इरगा नदी में पुल निर्माण से ही हमारी आवागमन की समस्या दूर हो सकती है.
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