साहिबगंज महिला थाना प्रभारी की मौत के मामले पर संदेह, सोशल मीडिया पर उठ रहे हैं ऐसे सवाल

लेकिन, बाद में सोशल मीडिया में वायरल रूपा तिर्की की आखिरी तस्वीर से आत्महत्या के दावों पर सवाल उठने लगे हैं. लोग इस फोटो के साथ कुछ सवाल भी साझा कर रहे हैं. सवाल मुख्य रूप से घटना के बाद मामले की जांच से जुड़े पहलुओं पर उठाये जा रहे हैं, जिन्हें सुलझाने के बाद पुलिस भी केस की तह तक पहुंच सकती है.
Jharkhand News, Sahibganj News साहिबगंज : साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हो गयी थी. उनका शव उनके क्वार्टर में फंदे से लटका हुआ पाया गया था. मामले की जांच कर रही पुलिस प्रथमदृष्टया इसे आत्महत्या मान कर चल रही है.
लेकिन, बाद में सोशल मीडिया में वायरल रूपा तिर्की की आखिरी तस्वीर से आत्महत्या के दावों पर सवाल उठने लगे हैं. लोग इस फोटो के साथ कुछ सवाल भी साझा कर रहे हैं. सवाल मुख्य रूप से घटना के बाद मामले की जांच से जुड़े पहलुओं पर उठाये जा रहे हैं, जिन्हें सुलझाने के बाद पुलिस भी केस की तह तक पहुंच सकती है.
साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की का शव क्वार्टर से शव मिलने मामले में डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी. सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग बताया गया है.
गौरतलब है कि पुलिस प्रथम दृष्टया इस मामले को आत्महत्या मान कर चल रही है. एसपी पहले ही कह चुके हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ खुलासा हो पायेगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद पुलिस का अनुसंधान किस ओर जायेगा, इसका पता जल्द ही चल जायेगा.
इधर, बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम ने आदिवासी महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की मामले पर मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत की. उन्होंने मुख्यमंत्री से सीबीआइ जांच कराने का आग्रह किया. लोबिन ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री जल्द से जल्द सीबीआइ जांच का आदेश देकर रूपा तिर्की की मां और परिवार के अन्य सदस्यों की भावना का सम्मान करेंगे.
तेज, तर्रार व कर्तव्यपरायण युवा पुलिस अफसर रूपा तिर्की युवा आदिवासियों के लिए एक प्रेरणा थी. अगर सीबीआइ जांच का आदेश नहीं होता है तो एक बार फिर मुझे आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होना पड़ सकता है.
क्या घुटनों के बल बैठकर आत्महत्या संभव है?
जहां खड़े होकर फंदा लगाया जा सकता है, वहां कुर्सी की जरूरत क्यों हुई?
क्या मरते वक्त रूपा तिर्की को कोई तकलीफ नहीं हुई होगी. क्या उसने हाथ-पैर नहीं चलाये, फिर बेडशीट एकदम बराबर कैसे?
फंदे वाली रस्सी कमर के पास से तौलिये के अंदर से कैसे गुजरी?
कोई भी इंसान कम कपड़ों में फांसी क्यों लगायेगा?
क्या कोई ऐसा केस था, जिसमें किसी अपराधी को गिरफ्तार कर उसने किसी के ईगो को हर्ट कर दिया?
जो ऑडियो वायरल किया गया, वह किसने और क्यों किया?
क्या एक छोटी से ऑडियो से किसी का चरित्र जाना जा सकता है?
रूपा तिर्की के गले पर दो निशान क्यों थे? शरीर पर चोट के निशान कैसे थे? रूपा तिर्की का सुसाइड नोट कहां है?
उसके मुंह से झाग निकल रहा था, जो जहर पीने से होता है. क्या रूपा को जहर दिया गया था?
उसने जो पानी पिया था वो दवाई जैसा लग रहा था. तो क्या पानी में ही जहर मिला हुआ था? कहां से आया था पानी?
शव का घुटना पलंग पर था यानी फांसी के फंदे पर वह नहीं झूली थी. क्या उसे मार कर पंखे से झुलाया गया था?
मनीषा और ज्योत्सना उसे क्यों टॉर्चर किया करती थी? पंकज मिश्रा को क्यों इस मामले में लपेटा जा रहा है?
जब कमरे का दरवाजा बंद था तो खोलने के समय दरवाजे का कब्जा व कुंडी भी टूटी थी क्या?
सूत्रों ने कहा : पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग को बताया गया
बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम ने की सीएम से सीबीआइ जांच की मांग
कहा : मांग नहीं मानी गयी, तो एक बार फिर मैं अनशन पर बैठूंगा
Posted By : Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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