Explainer: किसान पोर्टल पर अपलोड होगा भूमि अभिलेख, जानें क्या हैं इसके फायदे
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 10 Aug 2022 1:41 PM
भूमि अभिलेख एक ऐसा शब्द है जिसमें भूमि के पंजीकरण, अधिकारों के रिकॉर्ड्स (रोरुपिज), किरायेदारी और फसल निरीक्षण रजिस्टर, उत्परिवर्तन रजिस्टर, विवादित मामलों के रजिस्टर आदि शामिल हैं
रांची : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुक किसानों को भूमि अभिलेख पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड करना है. रांची जिला में इस योजना के लाभुकों की संख्या 1.75 लाख है. जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि योजना के लाभुक किसानों को भूमि अभिलेख का सत्यापन अंचल कार्यालय से कराना है. इसे लेकर किसानों को कहा जा रहा है, पर अभी तक अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है. फिर से इसको लेकर लाभुक किसानों को सूचित किया गया है.
भूमि अभिलेख एक ऐसा शब्द है जिसमें भूमि के पंजीकरण, अधिकारों के रिकॉर्ड्स (रोरुपिज), किरायेदारी और फसल निरीक्षण रजिस्टर, उत्परिवर्तन रजिस्टर, विवादित मामलों के रजिस्टर आदि शामिल हैं. इसके अलावा, आकार, उस जमीन की मिट्टी के बारे में भूगर्भीय जानकारी भी है मिलती है. साथ ही साथ भूमि के प्रकार और सिंचाई संबंधित आर्थिक जानकारी मिलती है.
जमीन विवाद काफी जटिल के साथ साथ घातक भी होते हैं. चंद मिनटों में ही बड़े-बड़े जमीनी घोटाले हो जाते है जिसमें फर्जी जमीन की रजिस्ट्री हो जाती है और जमीन खरीदार को अच्छा ख़ासा चूना लग जाता है. अब नए प्रावधानों के अनुसार सारी रजिस्ट्री को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है और इसका बेहद सख्ती से पालन भी कराया जा रहा है जिससे ऐसे फ्रॉड से बचा जा सके और जमीन खरीदने वाले के हितों की रक्षा हो सके. |
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