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राज्य में जमीन माफिया व अफसरों की मिलीभगत से जालसाजी कर जमीन की खरीद बिक्री का चल रहा है धंधा : इडी

इडी का कहना है कि झारखंड और कोलकाता के अफसरों की मदद से जमीन माफिया दस्तावेज में जालसाजी कर राजधानी रांची में आदिवासियों की जमीन बेच रहे हैं. मनी लाउंड्रिंग के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय ऐसे पांच मामलों की जांच कर रहा है.

इडी का कहना है कि झारखंड और कोलकाता के अफसरों की मदद से जमीन माफिया दस्तावेज में जालसाजी कर राजधानी रांची में आदिवासियों की जमीन बेच रहे हैं. मनी लाउंड्रिंग के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय ऐसे पांच मामलों की जांच कर रहा है. इडी की ओर से दर्ज इसीआइआर में अफसरों, जमीन माफिया और राजनीतिज्ञों को अभियुक्त बनाया गया है. साथ ही आरोप पत्र दायर किया जा चुका है. जमीन से जुड़े मामले की जांच के दौरान अब तक 266 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन अस्थायी तौर पर जब्त की गयी है. प्रवर्तन निदेशालय (इडी) द्वारा जारी विज्ञप्ति में इन तथ्यों का उल्लेख किया गया है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि इडी ने बड़गाईं स्थित जमीन मामले में हेमंत सोरेन, भानु प्रताप और सद्दाम हुसैन को पहले गिरफ्तार किया था. इसके बाद इस मामले में 16 अप्रैल को आनंद तिर्की उर्फ अंतु तिर्की, प्रियरंजन सहाय, बिपिन सिंह, इरशाद अख्तर को गिरफ्तार किया गया है. न्यायालय ने गुरुवार को आगे की जांच के लिए गिरफ्तार किये गये चार अभियुक्तों अंतु तिर्की, बिपिन सिंह, प्रियरंजन व इरशाद को 22 अप्रैल तक के लिए रिमांड पर देने का आदेश दिया है. सद्दाम हुसैन की रिमांड अवधि 20 अप्रैल तक है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि इडी द्वारा जमीन खरीद बिक्री में मनी लाउंड्रिंग की जांच के दौरान रांची के पूर्व उपायुक्त छविरंजन और जमीन माफिया गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जमीन मामले की जांच के दौरान अब तक कुल 22 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है. 51 ठिकानों पर छापेमारी और नौ सर्वे किये जा चुके हैं. साथ ही 1.25 करोड़ रुपये नकद और बैंक में जमा 3.56 करोड़ रुपये जब्त किये गये हैं. बड़गाईं स्थित 8.86 एकड़ जमीन भी जब्त की जा चुकी है. इसकी कीमत 31 करोड़ रुपये आंकी गयी है. इडी ने कहा कि अब तक की जांच में पाया गया है कि यहां जमीन माफिया का एक संगठित गिरोह सक्रिय है. इस गिरोह को राजस्व से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों का संरक्षण है. जमीन माफिया का यह गिरोह अधिकारियों की मदद से दस्तावेज में जालसाजी कर जमीन बेच रहा है.

खूंटी मनरेगा घोटाले में शामिल इंजीनियरों की 22.47 लाख रुपये की संपत्ति जब्त :

प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने खूंटी में वर्ष 2010 के दौरान हुए मनरेगा घोटाले में दो इंजीनियरों की 22.47 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त कर ली है. इससे अब तक इस मामले में जब्त की गयी कुल संपत्ति का मूल्य 106.86 करोड़ रुपये हो गया. इडी की विज्ञप्ति में इसका उल्लेख किया गया है. इडी ने कार्यपालक अभियंता शशि प्रकाश और जयकिशोर चौधरी की चार अचल संपत्ति जब्त कर ली है. इडी ने खूंटी जिले में हुए मनरेगा घोटाले में जिला प्रशासन द्वारा दर्ज करायी गयी 16 प्राथमिकी के आधार पर इसीआइआर दर्ज की थी. मामले की जांच के बाद इसमें तत्कालीन उपायुक्त पूजा सिंघल, सीए सुमन कुमार, जूनियर इंजीनियर राम विनोद सिन्हा, शशि प्रकाश, जय किशोर चौधरी और सहायक अभियंता आरके जैन के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था. न्यायालय द्वारा इस मामले में संज्ञान लिया जा चुका है और तेजी से मामले में सुनवाई चल रही है. मामले की जांच के दौरान पीएमएलए में निहित प्रावधानों के तहत पूजा सिंघल, सुमन कुमार के अलावा घोटाले में शामिल इंजीनियरों के ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है.

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