झारखंड : वित्त विभाग के सचिव बोले- बैंकिंग में इंटरनेट कनेक्टिवटी और बिजली की समस्या है, तो बतायें
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 16 Feb 2024 5:05 AM
बैंक ऑफ इंडिया, प्रधान कार्यालय के कार्यकारी निदेशक सह एसएलबीसी, झारखंड के अध्यक्ष एम कार्तिकेयन ने कहा कि वर्तमान में झारखंड का सीडी रेशियो 46़ 27 प्रतिशत है.
रांची : राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी), झारखंड की 86वीं बैठक गुरुवार को धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन में हुई. वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने कहा कि छात्रों को शिक्षा ऋण मिल रहा है, लेकिन एससी-एसटी छात्रों को जरूरत के अनुसार शिक्षा ऋण नहीं दिया जा रहा है. इसे बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जिन भी जगहों पर इंटरनेट कनेक्टिवटी और बिजली की समस्या है, तो हमें इसके बारे में जानकारी दें. इसे जल्द से जल्द दूर किया जायेगा. मकसद है कि हर लोगों को बैंकिंग सुविधा आसानी से मिल सके.
बैंक ऑफ इंडिया, प्रधान कार्यालय के कार्यकारी निदेशक सह एसएलबीसी, झारखंड के अध्यक्ष एम कार्तिकेयन ने कहा कि वर्तमान में झारखंड का सीडी रेशियो 46़ 27 प्रतिशत है. अगले वित्तीय वर्ष में इसे 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है. कहा कि देश के आर्थिक विकास और वित्तीय समावेशन में बैंकों की अहम भूमिका है. उन्होंने बकरी पालन, सूकर पालन, मछली पालन आदि गतिविधियों के लिए अधिक से अधिक ऋण देने का आग्रह किया. इस दौरान नाबार्ड के स्टेट फोकस पेपर का भी विमाेचन किया गया.
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एसएलबीसी के जीएम मनोज कुमार ने कहा कि प्रदेश में कुल बकाया ऋण पहली बार 1.50 लाख करोड़ रुपये के आंकड़ों को पार कर चुका है. यह पिछले साल की दिसंबर तिमाही से 16.42 प्रतिशत अधिक है. प्रदेश में ऋण-जमा अनुपात में लगातार वृद्धि देखी जा रही है. यह दर्शाता है कि राज्य के बैंक ऋण देने में सहयोग कर रहे हैं. श्री कुमार ने राज्य सरकार से बिना लैंड पजेशन सर्टिफिकेट (एलपीसी) के आधार पर केसीसी ऋण की सीमा को एक लाख से बढ़ा कर 1.60 लाख करने का आग्रह किया.
नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय, झारखंड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कृष्णा जहांगीरदार ने कहा कि बैंकों को कृषि ऋण विशेष कर पशुपालन एवं मत्स्य पालन के लिए सरकार के सभी विभागों से परस्पर संबंध स्थापित कर काम करना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की आमदनी बढ़ सके. आरबीआइ, रांची क्षेत्रीय कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रदेश में सीएफएल द्वारा चार लाख से अधिक लोगों को विगत वर्षों में वित्तीय साक्षर किया गया है. एसएलबीसी के वरीय प्रबंधक रोशन चौधरी ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया. धन्यवाद ज्ञापन एसएलबीसी, झारखंड के उप महाप्रबंधक अनिल जगदीश जाधव ने दिया.
राज्य ऋण जमा अनुपात में लगातार बढ़ोतरी कर रहा है. पिछले वर्ष की तुलना में जहां ऋण-जमा अनुपात 44.44 प्रतिशत रहा. वहीं, इस वर्ष यह बढ़ कर 46.27 प्रतिशत हो गया है. इस प्रकार साल दर साल यह बढ़ोतरी 4.12 प्रतिशत रही.
झारखंड में वित्तीय समावेशन में खास कर प्रधानमंत्री जन धन योजना में कुल 1.82 करोड़ खाते विभिन्न बैंकों ने खोले हैं.
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