Corona Update Jharkhand : स्वास्थ्य सचिव ने कहा : केवल आरटीपीसीआर और ट्रूनेट मशीन से होगी जांच
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 08 Dec 2020 9:53 AM
झारखंड में अब रैपिड एंटीजेन टेस्ट किट से नहीं होगी कोरोना जांच, आरटीपीसीआर और ट्रूनेट मशीन का केवल होगा इस्तेमाल
रांची : झारखंड में अब रैपिड एंटीजेन टेस्ट किट से कोरोना जांच नहीं होगी. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने बताया कि इस किट से जांच पर शंका जतायी जा रही थी. हालांकि इस टेस्ट किट के आने से राज्य में जांच की संख्या काफी बढ़ी. पर शंका जताये जाने के कारण विभाग द्वारा तय किया गया है कि अब रैपिड एंटीजेन टेस्ट किट से जांच नहीं होगी.
जिन जिलों द्वारा रैपिड एंटीजेन टेस्ट किट की मांग की जा रही है, उन्हें मुख्यालय से टेस्ट किट नहीं भेजा जायेगा. अब केवल आरपीटीसीआर और ट्रूनेट मशीन से ही जांच होगी. जिलों को कहा गया है कि अब सैंपल आरपीटीपीसीआर और ट्रूनेट मशीन से जांच के लिए ही लें.
गौरतलब है कि झारखंड में प्रतिदिन औसतन 25 से 30 हजार सैंपल की जांच होती है. झारखंड में जांच का दायरा बढ़ाने के लिए समय-समय पर रैपिड एंटीजेनट टेस्ट मास ड्राइव चलाया जाता था, जिसमें एक दिन में लगभग एक लाख तक जांच की जाती थी. जिसके कारण छह दिसंबर तक झारखंड में प्रति 10 लाख में जांच (टीपीएम) 115045 है. झारखंड में छह दिसंबर तक कुल 43 लाख 38 हजार 913 सैंपल की जांच हो चुकी है और 110278 संक्रमित मिल चुके हैं.
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए रांची जिला प्रशासन द्वारा शहर के नौ जगहों पर पिछले एक सप्ताह से कैंप लगाकर लोगों की कोरोना जांच निशुल्क की जा रही है. लोगों को परेशानी न हो. इसके लिए पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्यकर्मी भी हैं. लेकिन इन केंद्रों में जांच कराने वाले लोग ही नहीं है. ऐसे में स्वास्थ्य कर्मी दिन भर इंतजार में बैठे रहते हैं. किसी के आते ही पांच मिनट में उसकी जांच पूरी कर ली जा रही है.
सोमवार को प्रभात खबर ने शहर के चार जांच शिविरों का जायजा लिया. जांच के दौरान जहां मोरहाबादी टीओपी में लगाये गये कैंप में दिन के 12 बजे तक जहां एक भी व्यक्ति जांच कराने नहीं आया था. वहीं खादगढ़ा बस स्टैंड में लगाये गये कैंप में मात्र 15 लोगों की जांच की गयी थी. उधर जिला स्कूल के कैंप में 40 लोगों ने अपना सैंपल दिया था. वहीं सैनिक मार्केट,मेन रोड के कैंप में दिन के एक बजे तक सिर्फ 12 लोगों ने ही जांच करायी थी.
कोरोना के शुरुआती दिनों में जिस प्रकार से कोरोना का नाम सुनकर ही लोग कांप जाया करते थे. आज इसका तनिक भी डर लोगों में नहीं दिख रहा. बिना मास्क के घूम रहे लोगों से सवाल करने पर उनका जवाब होता है कि कोरोना से कोई मर थोड़े न रहा ह
डोरंडा कॉलेज डोरंडा, गवर्नमेंट कॉलेज कल्याणपुर हटिया, जिला स्कूल शहीद चौक, मौर्या बैंक्वेट हॉल रातू रोड, खादगढ़ा बस स्टैंड, तरुण विकास स्कूल चुटिया, सदर अस्पताल व टीओपी मोरहाबादी में निशुल्क कोरोना जांच की जा रही है.
जिला प्रशासन ने तय किया था कि शहर में जो भी बिना मास्क के दिखेगा, उनकी कोरोना जांच करायी जायेगी. पर प्रशासन का यह अभियान बेअसर है. चौक-चौराहों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति नहीं होने के कारण लोग बिना मास्क के धड़ल्ले से घूम रहे हैं. सेंटरों में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों की मानें, तो सेंटर में भी पुलिस बल की संख्या काफी कम है. कहीं पर एक होमगार्ड का जवान है तो कहीं पर एक पुलिस का जवान है. ऐसे में किसी को जबरन पकड़कर लाना भी खतरे से खाली नहीं है.
posted by : sameer oraon
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