खान विभाग में फाइलों की दुर्दशा, दोषियों पर होगी कार्रवाई, कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची: खान विभाग में फाइलों की दुर्दशा को विभागीय सचिव ने गंभीरता से लिया है. फाइलों के लिए दोषी पदाधिकारियों पर सचिव द्वारा कार्रवाई करने की बात कही गयी है. सचिव का कहना है कि कागजातों का रख-रखाव बेहतर तरीके से किया जाना चाहिए, जो नहीं किया गया. चाहे वह ब्रोशर ही क्यों न हो.

इधर, तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने फाइलों की जांच कर रिपोर्ट सचिव को सौंप दी है. रिपोर्ट में 10 काटरून में 137 कंपनियों के ब्रोशर, रिपोर्ट, एनुअल रिपोर्ट आदि का जिक्र है. जिसे दीमक द्वारा काट दिया गया है. कई कागजात में मिट्टी लगी हुई है.

क्या है मामला: खान विभाग के अधीन भूतत्व निदेशक कुमारी अंजली ने 28 सितंबर 2013 को खान सचिव को पत्र लिख कर उनके कार्यालय में पड़े 10 काटरून की जांच कराने की मांग की थी. श्रीमती अंजली ने पत्र में लिखा है कि सितंबर 2012 में भी इसकी खान निदेशक को पत्र के माध्यम से दी गयी थी, परंतु 28 सितंबर 2013 तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है. दीमक लगने के कारण काटरून में रखे गये दस्तावेजों की स्थिति अत्यंत ही दयनीय है. पत्र मिलने के बाद विभागीय सचिव डीके तिवारी ने एक तीन सदस्यीय कमेटी बनायी, जिसमें अवर सचिव उत्तम कुमार झा, सत्येंद्र नारायण सिंह व भूतत्व की अपर निदेशक कुमार अंजलि को रखा गया. कमेटी ने 30 अगस्त को कुमारी अंजली के कार्यालय में 10 काटरून को खोला.

क्या लिखा है कमेटी ने : कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि भूतत्व कार्यालय में रखे गये सभी 10 काटरून को खोला गया, जिसमें अधिकतर काटरून या बंडल की स्थिति दीमक लग जाने के कारण खराब हो गयी. ज्यादातर कागजात मिट्टी के रूप में पाये गये. कागजातों का एक इन्वेंटरी तैयार किया गया है. प्रथम दृष्टया काटरून/बंडलों में रखे कागजात कोल ब्लॉक एवं आयरन खनिज से संबंधित विभिन्न कंपनियों के ब्रोशर, बायोडाटा आदि प्रतीत होते हैं. ये कागजात खनन पक्ष से संबंधित है. दीमक द्वारा नष्ट किये गये कागजात जो मिट्टी के रूप में परिवर्तित हो गये हैं, उन्हें समिति द्वारा कार्यालय से बाहर परिसर में निकाल दिया गया है. सूची में उल्लेखित कागजातों को भी अविलंब सुरक्षित किया जाना अनिवार्य है, अन्यथा इन्हें भी दीमक द्वारा नष्ट कर दिया जायेगा. इसके बाद सचिव के आदेश पर खान निदेशक, भूतत्व निदेशक ने सभी फाइलों को सील कर दिया है.

किस तरह के कागजात : टोरियन आयरन एंड स्टील कंपनी लि., तुबेद कोल माइंस एप्लीकेशन 27.10.05, महाराष्ट्र सीमलेस लिमिटेड द्वारा 0.5 एमटीपीए इंटीग्रेटेड प्लांट के लिए जीतपुर कैप्टिव कोल ब्लॉक का एप्लीकेशन, राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड(27.10.2005), जिंदल, कहिनूर स्टील, कोल ब्लॉक के लिए एस्सार पावर लिमिटेड का एप्लीकेशन, सीतनाला कोल ब्लॉक के आवंटन के लिए इस्पात इंडस्ट्रीज का आवेदन पत्र, टाटा पावर इनक्लोजर-5, जायसवाल निको लिमिटेड, मेकन लिमिटेड मैप, सनफ्लैग मैप समेत अन्य फाइल.

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