इंतेजार को फंसाने के लिए चालक व चौकीदार को बनाया स्वतंत्र गवाह

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची : वर्द्धमान-हटिया पैसेंजर ट्रेन से कथित विस्फोटक भरे बैग बरामद होने के बाद पुलिस इंतेजार अली को फंसाने में लग गयी थी. इसके लिए पुलिस ने झूठ-पर-झूठ बोले. पुलिस ने सीट के नीचे से बैग बरामद किया, लेकिन प्राथमिकी में लिखा कि इंतेजार अली को तब गिरफ्तार किया गया, जब वह कंधे पर बैग लटका कर किता स्टेशन से बाहर निकल रहे थे.
झूठ को सच साबित करने के लिए स्वतंत्र गवाह (पुलिस का आदमी नहीं) की जरूरत थी. ऐसे में पुलिस ने शिवचरण लोहरा और राजेश्वर राम को स्वतंत्र गवाह बनाया और अरेस्ट मेमो व जब्ती सूची पर उनसे हस्ताक्षर करवाया. बाद में यह पता चला कि शिवचरण लोहरा सिल्ली थाने का चौकीदार, जबकि राजेश्वर राम अनगड़ा थाने में चालक सिपाही के पद पर पदस्थापित हैं. इसका खुलासा जमशेदपुर रेल एसपी की समीक्षा रिपोर्ट से हुआ.
इसके बाद रेल डीआइजी ने अपनी समीक्षा में लिखा है कि मामले के सुपरविजन के दौरान नामकुम अंचल के इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी अनगड़ा और सिल्ली के द्वारा भी दोनों गवाहों को स्वतंत्र गवाह के रूप में ही बताया गया. ऐसा प्रतीत होता है कि निर्दोष व्यक्ति इंतेजार अली को फंसाने के लिए जानबूझ कर जब्ती सूची में गड़बड़ी की गयी. 30 सितंबर को रेल डीआइजी प्रिया दुबे ने रांची डीआइजी अरुण कुमार को पत्र लिख कर संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है. रांची डीआइजी ने रेल डीआइजी के पत्र को रांची के एसएसपी के पास भेजते हुए जरूरी कार्रवाई की निर्देश दिया है.
एक पल भी जेल में रखना अपराध: मरांडी
रांची : झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार की तीन जांच एजेंसियों ने डॉ इंतेजार अली को निर्दोष करार दिया है. केंद्र की एनआइए और राज्य सरकार की सीआइडी व डीआइजी की रिपोर्ट भी शामिल है. ऐसे में इंतेजार अली को अब एक पल भी जेल में रखना अपराध है.
सरकार को अविलंब मुकदमा वापस लेते हुए इंतेजार को बाइज्जत बरी करना चाहिए. श्री मरांडी ने इंतेजार की रिहाई के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा कि यदि बुधवार तक इंतेजार को नहीं छोड़ा गया, तो वे गुरुवार से प्रोजेक्ट भवन के सामने अकेले धरना पर बैठेंगे.
मंगलवार को पत्रकारों से श्री मरांडी ने कहा कि इस मामले में भाजपा सरकार राजनीति कर रही है. मुखबिरों को संरक्षण दिया जा रहा है. उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि निर्दोष को 54 दिनों तक जेल में रखना शर्म की बात है.
भाजपा की सरकार सबका साथ, सबका विकास के नारे को धत्ता बताते हुए इस मामले में भेदभाव बरत रही है. इंतेजार अली की रिहाई को लेकर झाविमो 25 अगस्त से ही मांग कर रहा है. विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस मामले को विधानसभा में उठाया. पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल व मुख्यमंत्री से मिला. राजभवन के समक्ष धरना भी दिया गया.
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